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UP: फिर से स्लाटर हाउस चलाना चाहती है समाजवादी पार्टी- योगी के मंत्री जेपीएस राठौर का हमला

UP: विधानसभा में नेता विरोधी दल पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार पर आरोप लगाए थे कि इन खुले जानवरों की वजह से लोगों की जानें जा रही हैं.

Jps rathour And Akhilesh yadav

जेपीएस राठौर और अखिलेश यादव

Uttar Pradesh: भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला है. यूपी सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग जेपीएस राठौर ने कहा कि फिर से समाजवादी पार्टी स्लाटर हाउस चलाना चाहती है. कल विधानसभा में नेता विरोधी दल पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार पर आरोप लगाए थे कि इन खुले जानवरों की वजह से लोगों की जानें जा रही हैं और सरकार इसके प्रति लापरवाह है. उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव इससे पहले भी सरकार पर निशाना साधते आए हैं.

यूपी विधानसभा में अखिलेश के अलावा बीजेपी और सपा विधायक भी इस मुद्दे पर आमने- सामने नजर आए. अखिलेश यादव के आरोपों पर जेपीएस राठौर ने पलटवार किया. उन्होंने समाजवादी पार्टी के शासन में चल रहे स्लाटर हाउस का भी जिक्र किया और समाजवादी पार्टी के मुखिया को घेरने की कोशिश की.

सरकार खुला पशुओं को लेकर गंभीर 

सरकार का इस पर जवाब आ गया था कि सरकार खुला पशुओं को लेकर गंभीर है और इन दुर्घटनाओं को और किसानों का नुकसान देखते हुए अधिक से अधिक गौशाला खोले जा रहे हैं. वहीं आज योगी सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर के आरोप पर पलटवार करते हुए समाजवादी पार्टी के सचेतक विधायक मनोज पांडे ने कहा कि जनहित पर चर्चा से सरकार भाग रही है और ऐसे आरोप लगाकर ध्यान भटकाना चाहती है. वहीं यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य अपने मंत्री के बयान का समर्थन करते कहा कि किसी गाय के गर्दन पर चाकू नहीं चलेगी.

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इससे पहले भी उठा चुके हैं छुट्टा जानवरों का मुद्दा

इससे पहले भी विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या को बहुत ही प्रमुखता से उठाते थे. इसे लेकर वह बीजेपी पर तंज भी कसा करते थे और कहा करते थे कि किसानों की आमदनी दोगुनी हुई नहीं, वहीं महंगाई आसमान पर है और आवारा जानवर किसानों की फसल खा जा रहे हैं. इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी भी अपनी बात कह चुके हैं और इस समस्या के समाधान की बात कर चुके हैं.

अखिलेश ने उठाया जनगणना का भी मुद्दा

वहीं जातिगत जनगणना के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि जाति जनगणना का विषय आज का नहीं है ये पहले 1931 में हुई थी और लोकसभा में जब कभी इस पर चर्चा हुई है देश के अलग-अलग दलों ने इस विषय को उठाया है और कहा कि जाति जनगणना होनी चाहिए. बिना जाति जनगणना के हम जनता को सुविधा नहीं दे पाएंगे.

अखिलेश ने कहा कि अगर बीजेपी इस बात को कहती है कि सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास तो कम-कम हर जाति में ये विश्वास पैदा हो कि उनको भी योजना से जोड़ा गया है. बीजेपी की जिम्मेदारी है कि वो इसे करे, अगर वो नहीं करते तो जब कभी सपा को मौका मिलेगा तब जाति जनगणना होगी.

-भारत एक्सप्रेस



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