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पीएम मोदी की होगी ‘महा-गर्जना’; हजारों करोड़ की सौगातों से बदलेगी आदिवासियों की तकदीर!

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात ने बस्तर के भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं. पीएम मोदी ने मानसून के बाद बस्तर आने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है.

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Edited by Vaibhav Gupta

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के लिए साल 2026 खुशियों की नई सौगात लेकर आने वाला है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मुलाकात ने बस्तर के सुनहरे भविष्य की पटकथा लिख दी है. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का औपचारिक आमंत्रण दिया है, जिसे पीएम मोदी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है. प्रधानमंत्री का यह दौरा महज एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि बस्तर के इतिहास में एक ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित होने वाला है, जहां हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण होगा.

बस्तर को मिलेगा ‘मेगा’ उपहार

प्रधानमंत्री के इस प्रस्तावित दौरे के दौरान सबसे बड़ा आकर्षण रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन का वह हिस्सा होगा, जो दशकों से बस्तरवासियों का सपना रहा है. इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति लाने के लिए दंतेवाड़ा में एक हाई-टेक मेडिकल कॉलेज और विशाल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की आधारशिला रखी जा सकती है. जगदलपुर एयरपोर्ट के विस्तार की योजना को भी प्रधानमंत्री हरी झंडी दिखा सकते हैं, जिससे बस्तर सीधे दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा. ये परियोजनाएं न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा करेंगी.

नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि बस्तर में अब डर का माहौल खत्म हो रहा है. नक्सलवाद के लगभग खात्मे के साथ ही अब लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं. पीएम मोदी का आगामी दौरा इस बात का प्रमाण होगा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन के लिए पूरी तरह सुरक्षित है. प्रधानमंत्री इस दौरान स्थानीय जनजातीय समुदायों और बस्तर के युवाओं से सीधा संवाद भी कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र में विश्वास और नए उत्साह का संचार होगा.

‘बस्तर ओलंपिक’ का आगाज

सिर्फ ईंट-पत्थर का विकास ही नहीं, बल्कि बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी इस दौरे के माध्यम से नई पहचान मिलेगी. ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों के जरिए स्थानीय खेल प्रतिभाओं को निखारने और ‘बस्तर पंडुम’ के माध्यम से कला-संस्कृति के संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं.

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री का यह आगमन बस्तर के स्वाभिमान और गौरव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुनर्स्थापित करेगा. अब पूरे छत्तीसगढ़ को उस पल का इंतजार है, जब बस्तर की माटी पर प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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