संभल जामा मस्जिद सर्वे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाल दी है. कोर्ट ने पहले निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगाई थी और सर्वे रिपोर्ट को सीलबंद रखने के निर्देश दिए थे. इस बीच हिंसा की जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया है. मामले में हिंदू पक्ष द्वारा मंदिर होने का दावा भी किया गया है.
दायर याचिका अगले सप्ताह के लिए टला
संभल जमा मस्जिद विवाद मामले में दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने अगले सप्ताह के लिए टाल दिया है. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे की बेंच ने सुनवाई को टालते हुए कहा कि इस मामले में अगले सप्ताह सुनवाई करेंगे. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह अंतरिम आदेश के खिलाफ है.
निचली अदालत के कार्रवाई पर रोक
कोर्ट ने कहा था कि हम इस मामले का निपटारा करेंगे. कोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा था कि एक ही आदेश के खिलाफ दो स्व-याचिका कैसे दाखिल की गई? मस्जिद परिसर के सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्ति को चुनौती दी गई है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने संभल हिंसा को लेकर दायर याचिका पर निचली अदालत के कार्रवाई पर रोक लगा दिया था.
साथ ही कोर्ट ने कहा था कि सर्वे रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में ही रहेगी. उसे फिलहाल नहीं खोला जाएगा.
तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन
सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी हिदायत दी थी. संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में गठित आयोग दो माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा.
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद व सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार जैन को आयोग का सदस्य बनाया गया है.
दो दिन के सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार
बता दें कि दो दिन के सर्वे करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर ली गई है. कोर्ट ने रिपोर्ट देने के लिए कमिटी को 29 नवंबर तक का समय दिया था. साथ ही कोर्ट ने निचली अदालत से कहा था कि सर्वेक्षण आदेश के खिलाफ मस्जिद समिति द्वारा दायर याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में सूचीबद्ध होने तक मामले की सुनवाई न कि जाए.
जबकि हिंदू पक्ष की ओर से संभल की शाही मस्जिद में हरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए याचिका दाखिल की गई थी. 19 नवंबर 2024 को निचली अदालत द्वारा सर्वेक्षण के आदेश दिए जाने के बाद संभल में तनाव बढ़ गया था. निचली अदालत द्वारा पारित सर्वेक्षण के विरोध करने वाले लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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