West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान बृहस्पतिवार (23 अप्रैल) को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गया है. पहले फेज में 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जहां मतदाताओं का भारी उत्साह और लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लेकिन, बंगाल चुनावों और हिंसा का पुराना नाता एक बार फिर देखने को मिला है. वोटिंग के बीच मुर्शिदाबाद जिले से हिंसा, बमबारी और हिंसक झड़प की बड़ी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है.
नौदा में बमबारी से मची अफरा-तफरी (West Bengal Election Update)
मुर्शिदाबाद जिले के नौदा इलाके में मतदान के बीच अज्ञात उपद्रवियों ने देसी बमों (Crude Bombs) से हमला कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब लोग मतदान करने के लिए कतारों में लगे हुए थे. अचानक हुए इन बम धमाकों से पूरा इलाका दहल गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
हमले में घायल हुए एक स्थानीय व्यक्ति ने न्यूज एजेंसी अपनी आपबीती बताते हुए कहा, “वे हमें गालियां दे रहे थे और अचानक हम पर हमला कर दिया. हम तो बस अपना वोट डालने आए थे, हम किसी को परेशान नहीं करते.”
TMC और हुमायूं कबीर के समर्थक भिड़े (West Bengal Election Murshidabad)
बमबारी के अलावा, मुर्शिदाबाद में एक और बड़ी घटना सामने आई. यहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं और आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई.
बताया जा रहा है कि हुमायूं कबीर उस इलाके का दौरा कर रहे थे, जहां एक दिन पहले भी देसी बम फेंकने की घटना हुई थी. इस झड़प पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने कहा, “यह सिर्फ एक कोशिश थी. मैंने अपने समर्थकों से शांत रहने को कहा है. वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से होनी चाहिए. मेरा किसी को नुकसान पहुंचाने या धमकाने का कोई इरादा नहीं है.”
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह बमबारी और हिंसक झड़प ऐसे समय में हुई है जब निर्वाचन आयोग ने मुर्शिदाबाद को पहले ही ‘अति संवेदनशील’ घोषित कर रखा था. यहां केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की सबसे ज्यादा कंपनियां तैनात की गई थीं. इसके अलावा, ‘AI सर्विलांस’ और ‘वेबकास्टिंग’ का भी कड़ा पहरा था, फिर भी उपद्रवी बमबारी करने में सफल रहे.
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हमले के तुरंत बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. TMC ने जहां इस घटना के लिए बाहरी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं भाजपा और विपक्षी दलों का आरोप है कि यह मतदाताओं को डराने की सत्ता पक्ष की एक सुनियोजित कोशिश है. फिलहाल, नौदा और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है और पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है. घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और चुनाव आयोग ने इस पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
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