Bihar Crime: रवि शंकर शर्मा/बाढ़ (पटना): 21वीं सदी में हम चांद और सितारों तक पहुंचने की बात करते हैं, लेकिन हमारे समाज के कुछ हिस्सों में अंधविश्वास की जड़ें आज भी कितनी गहरी और डरावनी हैं, इसकी एक बानगी बिहार के बाढ़ अनुमंडल में देखने को मिली है. यहां के दयाचक इलाके में महज एक शक और अंधविश्वास के चलते एक बेकसूर महिला की जान लेने की कोशिश की गई. मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है.
दुकान पर बैठी थी महिला फिर ‘मौत’ का तांडव
घटना बाढ़ थाना क्षेत्र के पुरानी पोस्ट ऑफिस गली की है. पीड़िता अंजलि देवी रोज की तरह अपनी दुकान पर बैठी थी. उसे अंदाजा भी नहीं था कि अगले कुछ मिनट उसकी जिंदगी के सबसे भयावह पल होने वाले हैं. चश्मदीदों के अनुसार, अचानक 8 से 10 लोगों का एक उग्र समूह वहां आ धमका. इस झुंड में न केवल पुरुष, बल्कि महिलाएं भी शामिल थीं.
वहां पहुंचते ही भीड़ ने अंजलि पर चिल्लाना शुरू कर दिया. उसे ‘डायन’ कहकर भद्दी-भद्दी गालियां दी जाने लगीं. अंजलि कुछ समझ पाती या अपना बचाव कर पाती, उससे पहले ही भीड़ ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया.
बेहोश होने तक बरसती रहीं लाठियां
मारपीट इतनी बर्बर थी कि हमलावरों के सिर पर खून सवार था. अंजलि चीखती रही, हाथ जोड़ती रही, लेकिन अंधविश्वास में अंधी हो चुकी भीड़ का दिल नहीं पसीजा. उसे तब तक पीटा गया जब तक कि वह दर्द से कराहते हुए जमीन पर गिरकर बेहोश नहीं हो गई. जब अंजलि के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, तो हमलावरों को लगा कि उसकी मौत हो चुकी है. उसे ‘मृत’ समझकर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए.
पुलिस की तफ्तीश शुरू
शोर-शराबा सुनकर जब परिजन और आसपास के लोग वहां पहुंचे, तो अंजलि लहूलुहान और बेसुध पड़ी थी. आनन-फानन में उसे बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है. उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. अंजलि के पति और परिजनों ने इस मामले में स्थानीय थाने में नामजद शिकायत दर्ज कराई है.
बाढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले और अंधविश्वास फैलाने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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