Urdu Conclave 2026

एक ‘कुत्ता’ न होता तो आज असम में कांग्रेस की सरकार होती, फिर चर्चा में आई हिमंत बिस्वा की राहुल के साथ वो मुलाकात

असम चुनाव 2026 में बीजेपी की बड़ी जीत के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का एक पुराना बयान फिर चर्चा में है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुई एक मीटिंग का जिक्र किया था.

Himanta Biswa Sarma Dog Story

असम में विधानसभा चुनाव को लेकर आ रहे नतीजों (Assam Election Results 2026) के साथ ही एक बात साफ होती जा रही है कि 80 से ज्यादा सीटों के साथ बीजेपी भारी बहुत के साथ सरकार बना रही है. राज्य में बीजेपी की हैट्रिक जीत के साथ ही मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) की वह कहानी भी चर्चा में है, जिसने पूरे नॉर्थ-ईस्ट की राजनीति में बड़ा बदलाव कर दिया. साल 2014 से पहले नॉर्थ-ईस्ट को कांग्रेस का किला माना जाता था, लेकिन एक घटना जो ‘चाय की प्याली’ से शुरू होकर बिस्किट, कुत्ता और फिर हिमंत बिस्वा की बगावत की पूरी कहानी बन गई.

एक ‘कुत्ते’ के कारण हारी कांग्रेस?

असम विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है और करीब 80% सीटें जीतती नजर आ रही है. पार्टी ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है. इस बार का नतीजा सिर्फ जीत नहीं, बल्कि उनकी मजबूत रणनीति और काम करने के तरीके को भी दिखाता है.हालांकि, इस जीत के साथ ही एक पुराना किस्सा, जिसे खुद मुख्यमंत्री बिस्वा ने एक इंटरव्यू में बताया था, अब कांग्रेस की हार से जोड़कर देखा जा रहा है.

जून 2014 में कांग्रेस के लिए असम में सबसे बड़ी चुनौती उनके ही नेता हिमंत बिस्वा बने हुए थे. खबरों के मुताबिक, असम में हिमंत बिस्वा सरमा ने 40-50 विधायकों के साथ बगावत कर दी थी, जिसके चलते राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ एक मीटिंग भी रखी गई थी. इस मीटिंग में ऐसी एक घटना घटी, जिसने असम की सियासत में कांग्रेस के लिए लगभग सभी दरवाजे बंद कर दिए.

मीटिंग में हुआ क्या?

बाद में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने इंटरव्यू में इस मीटिंग को लेकर खुलासा करते हुए कहा कि, “हम गंभीर चर्चा कर रहे थे, लेकिन राहुल गांधी अपने कुत्ते के साथ खेलने में व्यस्त थे. उसी दौरान कुत्ते ने टेबल पर रखे बिस्किट की प्लेट में मुंह डाल दिया. मुझे लगा राहुल प्लेट बदलवाएंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. बाकी नेता उसी प्लेट से बिस्किट खाते रहे और राहुल हंसते रहे.”

हिमंता ने इसे सिर्फ नजरअंदाजी नहीं, बल्कि अपमान माना. उन्हें समझ आ गया कि यहां उनका भविष्य नहीं है. उसी दिन उन्होंने बीजेपी के राम माधव से बात की, और इसके बाद नॉर्थ-ईस्ट की राजनीति में बड़ा बदलाव आ गया. अब इस घटना को सोशल मीडिय पर फिर से असम में कांग्रेस की हार से जोड़कर देखा जा रहा है.


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एग्जिट पोल में क्या सामने आया था?

ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 88 से 100 सीटों के साथ बड़ी जीत मिलती दिखाई गई थी, और नतीजे भी उसी दिशा में जा रहे हैं. वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 24 से 36 सीटों का अनुमान दिया गया था, लेकिन अब यह करीब 20 सीटों तक सिमटता नजर आ रहा है.

-भारत एक्सप्रेस



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