N. Rangasamy Becomes CM for the Fifth Time: केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक बार फिर NDA की सहयोगी AINRC की जीत हुई है. शानदार जीत के बाद ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के प्रमुख एन. रंगासामी आज 13 मई को 5वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रचेंगे.
बता दें कि राजभवन में होने वाले इस समारोह में उप-राज्यपाल के. कैलाशनाथन उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. 30 सदस्यीय विधानसभा में NDA ने 18 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल कर विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया है.
रंगासामी का जलवा बरकरार(N. Rangasamy Becomes CM)
इस बार के चुनाव परिणामों ने रंगासामी के कद को और ऊंचा कर दिया है. उनकी पार्टी AINRC ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ा और शानदार स्ट्राइक रेट के साथ 12 सीटों पर कब्जा किया. वहीं, सहयोगी दल बीजेपी ने 4 सीटें जीतीं. AIADMK और लाचित जननायगा काची के 1-1 विधायक के साथ NDA का आंकड़ा 18 तक पहुंच गया है. यह जीत रंगासामी की लोकलुभावन योजनाओं और उनके सरल व्यक्तित्व पर जनता की मुहर मानी जा रही है.
राजनीतिक सफर की पटकथा
एन. रंगासामी का राजनीतिक सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. 1990 में अपना पहला चुनाव हारने वाले रंगासामी ने 1991 में पहली बार विधायकी जीती. वे कांग्रेस के वफादार सिपाही रहे और 2001 से 2008 तक दो बार कांग्रेस की ओर से सीएम रहे.
लेकिन 2008 में पार्टी के भीतर मतभेदों के चलते उन्होंने न केवल सीएम पद छोड़ा बल्कि 2011 में अपनी नई राह चुनी. उन्होंने ‘AINRC’ बनाई और उसी साल कांग्रेस को पटखनी देकर तीसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जा बैठे.
‘किंगमेकर’ बीजेपी और रंगासामी की केमिस्ट्री
2021 में रंगासामी ने बीजेपी के साथ गठबंधन कर कांग्रेस-डीएमके के ‘SDA’ गठबंधन को सत्ता से बेदखल किया था. तब एनडीए ने 16 सीटें जीती थीं. 2026 में यह केमिस्ट्री और भी मजबूत दिखी. भले ही बीजेपी की सीटें पिछले चुनाव (6 सीटें) के मुकाबले कम होकर 4 रह गई हों, लेकिन रंगासामी की पार्टी ने खुद के दम पर 12 सीटें जीतकर गठबंधन को टूटने से बचा लिया. अब एक बार फिर गठबंधन सरकार के जरिए रंगासामी विकास और केंद्र के साथ तालमेल की राजनीति को आगे बढ़ाएंगे.
सादगी भरा चरित्र ‘NR’
दरअसल रंगासामी को पुडुचेरी में उनकी सादगी के लिए जाना जाता है. अक्सर उन्हें सड़कों पर बिना किसी बड़े सुरक्षा तामझाम के अपनी पुरानी मोटरबाइक पर घूमते देखा जा सकता है. इसी सादगी ने उन्हें जनता के बीच ‘मक्कल मुथलमंचर’ (जनता का मुख्यमंत्री) बनाया है.
विपक्ष के नेता के तौर पर 2016 से 2021 तक का समय बिताने के बाद, उन्होंने 2021 और अब 2026 में जो वापसी की है, उसने उन्हें दक्षिण भारतीय राजनीति का एक मजबूत चेहरा बना दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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