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ट्विशा शर्मा केस में रात 9:41 बजे का वो आखिरी कॉल! पीछे से आई चीख और फिर… CBI की री-रजिस्टर FIR में हुआ बेहद खौफनाक खुलासा

मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI ने बड़ा एक्शन लेते हुए पति समर्थ सिंह और रिटायर्ड जज सास के खिलाफ केस दर्ज किया है. व्हाट्सएप कॉल, 7 घंटे की देरी और डिजिटल सबूतों ने इस हाई-प्रोफाइल केस को और रहस्यमयी बना दिया है…

Twisha Sharma death case: देश की चर्चित मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब अपने सबसे बड़े और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. इस पूरे मिस्ट्री केस को अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने पूरी तरह अपने हाथों में ले लिया है. सोमवार देर शाम दिल्ली से भोपाल पहुंची सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट ने स्थानीय कटारा हिल्स थाने में दर्ज एफआईआर को री-रजिस्टर करते हुए ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और प्रताड़ना जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है.

सीबीआई ने भोपाल पुलिस और एसआईटी (SIT) की केस डायरी, मेडिकल पेपर्स, और डिजिटल सबूतों को अपने कब्जे में ले लिया है. इसी बीच, मंगलवार को भोपाल जिला अदालत में मामले से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने को लेकर एक बेहद अहम सुनवाई भी होने जा रही है.

 CBI की री-रजिस्टर FIR में क्या हुआ खुलासा? (Twisha Sharma CBI Case)

सीबीआई द्वारा दर्ज की गई नई एफआईआर में ट्विशा की मौत (Twisha Sharma death case) से ठीक पहले की जो टाइमलाइन सामने आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है. एफआईआर के मुताबिक, 9 दिसंबर 2025 को नोएडा में हिंदू रीति-रिवाज से हुई इस शादी के बाद से ही ट्विशा को क्षमता से अधिक दहेज मिलने के बावजूद अतिरिक्त 20 लाख रुपए के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. घटना वाले दिन यानी 12 मई 2026 को ट्विशा ने मायके में कई बार फोन किया था.

रात करीब 9:41 बजे जब वह अपने परिवार से व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर बात कर रही थी, तभी अचानक पीछे से पति समर्थ सिंह के जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज आई और फोन कट गया. इसके बाद जब मायके वालों ने घबराकर दर्जनों कॉल किए तो किसी ने फोन नहीं उठाया, और आखिरकार रात 10:35 बजे सास गिरिबाला सिंह ने फोन उठाकर सिर्फ तीन शब्द कहे कि “शी इज नो मोर” (वह अब नहीं रही) और कॉल काट दिया.

पुलिस को सूचना देने में 7 घंटे की देरी पर गहराया शक

ट्विशा की पोस्टमॉर्टम शॉर्ट रिपोर्ट ने इस पूरी थ्योरी को और उलझा दिया है. रिपोर्ट में मौत की वजह भले ही फंदे से लटकना यानी ‘एंटेमॉर्टम हैंगिंग’ बताई गई है, लेकिन उसके शरीर पर ब्लंट फोर्स से लगी कुछ सामान्य चोटों के निशान भी मिले हैं, जो किसी संभावित हाथापाई की तरफ इशारा करते हैं. सबसे बड़ा कूटनीतिक और कानूनी सवाल उस टाइमलाइन पर उठ रहा है जिसके तहत 12 मई की रात करीब 10:20 बजे ट्विशा की जान जाने का दावा किया गया और समर्थ उसे एम्स भोपाल लेकर पहुंचा, लेकिन अस्पताल की तरफ से पुलिस को मर्ग कायम कराने की सूचना अगले दिन 13 मई की सुबह 5 बजे दी गई.

परिजनों का सीधा आरोप है कि इस बीच के करीब 7 घंटों की देरी के दौरान आरोपी समर्थ सिंह अस्पताल से दोबारा बागमुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर लौटा था, ताकि फॉरेंसिक टीम और पुलिस के आने से पहले क्राइम सीन और डिजिटल साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सके.

‘बाइपोलर’ बीमारी का दावा और अबॉर्शन का सच

सीबीआई की टीम अब आरोपी पति समर्थ सिंह के उन दावों की बारीकी से पड़ताल कर रही है, जो उसने एसआईटी की तीन दिनों की लगभग 10 घंटे की कड़ी पूछताछ के दौरान किए हैं. समर्थ ने पूछताछ में माना कि शादी के महज पांच महीनों के भीतर ही उनके रिश्तों में भारी खटास आ गई थी, लेकिन उसने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि ट्विशा को ‘बाइपोलर डिसऑर्डर’ (मानसिक तनाव) की समस्या थी.

सबसे संवेदनशील खुलासा (Twisha Sharma CBI Case) ट्विशा की प्रेग्नेंसी को लेकर हुआ है; जहां मायके पक्ष का आरोप है कि पति और सास बच्चे पर शक करते हुए जबरन गर्भपात का दबाव बना रहे थे, वहीं समर्थ ने पुलिस को बताया कि वह खुद पिता बनना चाहता था लेकिन ट्विशा की जिद और डॉक्टरों की सलाह के बाद ही दोनों ने आपसी सहमति से अबॉर्शन कराया था.

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घटनास्थल पर पहुंची एसआईटी और फॉरेंसिक टीम

सोमवार की शाम करीब 7:30 बजे एसआईटी के प्रमुख रजनीश कश्यप कौल की अगुवाई में टीम आरोपी समर्थ सिंह को लेकर बागमुगलिया स्थित उसके घर पहुंची, जहां करीब ढाई घंटे तक पूरे घटनास्थल का री-क्रिएशन और स्पॉट वेरिफिकेशन किया गया. पुलिस ने मौके से शादी के कार्ड, तस्वीरें, और दोनों के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप चैट्स जैसे भारी दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं.

चूंकि आरोपी की मां खुद एक रिटायर्ड जज हैं, इसलिए शुरू में इस केस को दबाने की कोशिशों के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन सीबीआई की स्पेशल एंट्री और सख्त रवैये ने साफ कर दिया है कि नए भारत के इस हाई-प्रोफाइल मर्डर या सुसाइड मिस्ट्री केस में अब रसूखदारों की कोई भी पैरवी काम नहीं आने वाली है.

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-भारत एक्सप्रेस



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