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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक्शन में योगी सरकार, लखनऊ कमिश्नर की अगुवाई में SIT करेगी 7 करोड़ के फेरबदल की जांच

अयोध्या राम मंदिर में 7 करोड़ रुपये के कथित चंदा घोटाले का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जहां वकील अनूप अवस्थी ने सीजेआई सूर्यकांत से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है. दूसरी तरफ, यूपी सरकार द्वारा गठित 3 सदस्यीय SIT आज अयोध्या पहुंचकर जांच शुरू करेगी, जिसे 15 दिन में फाइनल रिपोर्ट देनी है.

Ram Mandir Donation Theft Case Reaches SC Yogi Forms SIT
Edited by Vaibhav Gupta

Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या राम मंदिर में 7 करोड़ रुपए के कथित चंदा चोरी का मामला शांत होने का नाम नही ले रहा है. ये मामला अब देश के सबसे बड़ी अदालत पहुच चुका हैं. सुप्रीम कोर्ट के वकील अनूप अवस्थी ने सीजेआई सूर्यकांत को लेटर पिटीशन भेज कर स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है.

3 सदस्यीय SIT का गठन

पत्र में श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या में दान, चढावे की हेराफेरी से जुड़े आरोपों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की गई है. लेटर पिटीशन में ये भी कहा गया है कि लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए एफआइआर (FIR) दर्ज करने और एक स्वतंत्र और कोर्ट की निगरानी में जांच के निर्देश देने की मांग की गई है.

हालांकि इस मामले की सच्चाई जानने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यों की एक एसआईटी (SIT)का गठन किया है. जो आज अयोध्या जानकर आरोपों की जांच करेगी. यूपी सरकार ने गठित एसआईटी से 7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में फाइनल रिपोर्ट देने को कहा है.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अनुरोध

एसआईटी के सदस्यों में लखनऊ संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक एस. किरण और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल है. मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लाखों रुपए बरामद किया गया है.

दान चोरी के आरोपों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया था, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के करोड़ों रुपए की चोरी के दावे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, लिहाजा आरोपों की एसएसटी से जांच कराया जाए.

क्या है मामला?

दरअसल, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर सरकार को घेरा, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया. अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इसे लेकर सवाल उठाए. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इसे लेकर गंभीर आरोप लगे. ऐसे में अब सरकार ने मामले की जांच कराने का फैसला लिया है.

बता दें कि 13 जून को मंदिर में चढावे की राशि गिनने वाले कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपए नकद बरामद किया गया है. इनमें से कुछ रकम घर की अलमारी में रखी गई थी. जबकि कुछ नकदी गोबर के ढेर में दबाकर छिपाई गई थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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