Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

RE-NEET एग्जाम के दिन कांग्रेस रैली: ट्रैफिक में फंसे छात्र, छूटी परीक्षा; क्या माता-पिता के आरोपों का जवाब देंगे राहुल गांधी?

NEET Re-Exam 2026: बेंगलुरु में RE-NEET 2026 के दिन कांग्रेस रैली के कारण ट्रैफिक जाम लगने का आरोप. कई छात्र समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके. राहुल गांधी और डीके शिवकुमार पर अभिभावकों ने उठाए सवाल.

NEET Re-Exam

NEET Re-Exam: देशभर में चल रहे नीट पेपर लीक के बवाल के बीच एक नया विवाद शुरू हो गया है. रविवार (21 जून) को हुए री-नीट एग्जाम को लेकर नई सियासत ने दस्तक दे दी है. यह मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामने आया है. हालांकि, इसमें नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के NEET पेपर लीक आंदोलनों पर भी कई सवाल खड़े हुए हैं. आइए जानते हैं कि ‘छात्रों की गूंज’ का आंदोलन छात्रों के गुस्से में कैसे बदल गया.

एग्जाम के दिन क्या हुआ?

देशभर में रविवार को NEET-UG की दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी. पेपर लीक के आरोपों के बाद एक महीने पहले हुई परीक्षा रद्द कर दी गई थी, इसलिए करीब 22 लाख छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए. परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होनी थी और छात्रों को 1:30 बजे तक एग्जाम सेंटर पहुंचना जरूरी था.

इसी बीच बेंगलुरु में कांग्रेस की एक रैली निकाली जा रही थी. आरोप है कि रैली के कारण कई इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम लग गया. परीक्षा का समय नजदीक आने से छात्र और उनके परिवार वाले परेशान हो गए. जाम से निकलने के लिए कई लोग दोपहिया वाहनों को फुटपाथ पर चलाने लगे.

ट्रैफिक जाम का सबसे ज्यादा असर कुछ छात्रों पर पड़ा. तीन छात्र तय समय के बाद परीक्षा केंद्र पहुंचे. तब तक प्रवेश द्वार बंद हो चुके थे. उन्होंने अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन नियमों के कारण उन्हें अनुमति नहीं मिली. नतीजतन, वे परीक्षा नहीं दे सके और उनकी लंबे समय की तैयारी बेकार हो गई.

राहुल गांधी और डीके शिवकुमार पर उठे सवाल

परीक्षा केंद्र पर समय से नहीं पहुंच पाने वाले छात्रों और उनके परिवारों में घटना को लेकर काफी नाराजगी देखने को मिली. कई अभिभावकों का कहना था कि बच्चों ने लंबे समय तक मेहनत की थी, लेकिन देरी के कारण उन्हें परीक्षा देने का मौका नहीं मिल सका.

कुछ माता-पिता ने कांग्रेस की रैली को ट्रैफिक अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए राहुल गांधी और सीएम डी.के. शिवकुमार पर सवाल उठाए. एक नाराज पिता ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के अधिकारों की बात करने के लिए कोटा जाते हैं, लेकिन उनकी पार्टी की रैली के कारण बच्चों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. उन्होंने सवाल किया कि अगर रैली की वजह से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? माता-पिता का कहना था कि सभी को पता था कि 21 जून को NEET का री-टेस्ट होना है, फिर भी कांग्रेस ने उसी दिन रैली आयोजित की, जिससे करीब तीन घंटे तक सड़कें जाम रहीं और कई छात्रों को परीक्षा केंद्र पहुंचने में दिक्कत हुई.

एक छात्र के पिता कृष्ण मूर्ति ने बताया कि सामान्य दिनों में जिस सफर में करीब 20 मिनट लगते हैं, उसे पूरा करने में 35 मिनट से ज्यादा समय लग गया. उन्होंने कहा कि जाम से निकलने के लिए उन्हें फुटपाथ का सहारा लेना पड़ा. उनका मानना है कि ऐसी बड़ी रैलियां शहर के व्यस्त इलाकों के बजाय बाहरी क्षेत्रों में आयोजित की जानी चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो.

राजनीतिक वार-पलटवारा जारी

यह मामला सामने आते ही कर्नाटक की राजनीति गरमा गई और भाजपा-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए. भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया पर रोते हुए अभिभावकों का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि सत्ता के लिए कांग्रेस आखिर कितनी गिर सकती है. वहीं, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी चाहती तो रैली की तारीख या समय बदल सकती थी. उनके मुताबिक, इससे लगता है कि कांग्रेस के लिए छात्रों का भविष्य नहीं, बल्कि राजनीति ज्यादा महत्वपूर्ण है.


ये भी पढ़ें: लखनऊ अग्निकांड ने कैसे छीन लीं 15 जिंदगियां? सिस्टम की लापरवाही और मालिक के लालच का चिट्ठा आया सामने


दूसरी ओर, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया. कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने बीजेपी के आरोपों को ‘ड्रामा’ बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले पिछले 10 वर्षों में हुए 89 पेपर लीक मामलों पर देश से माफी मांगनी चाहिए.

खरगे ने यह भी कहा कि परीक्षा में देरी की समस्या सिर्फ बेंगलुरु में नहीं, बल्कि भाजपा शासित राज्यों जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और दिल्ली में भी देखने को मिली. उनके अनुसार, बेंगलुरु में जिन तीन छात्रों की परीक्षा छूटी, उनमें एक पुरानी हॉल टिकट लेकर आया था, एक काफी दूर से आ रहा था और एक छात्र देर से पहुंचा था. उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले से ट्रैफिक एडवाइजरी और हेल्पलाइन भी जारी की थी.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital