काजू कतली पर चांदी जैसे चमकदार फॉयल से सेहत को खतरा नहीं.
भारत में खूब खाए जाने वाली ‘काजू कतली’ मिठाई पर चांदी जैसा चमकने वाला जो फॉयल (वर्क) लगा होता है, उसे लेकर अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. गुजरात हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि काजू कतली पर लगे एल्युमिनियम फॉयल से स्वास्थ्य को खतरे नहीं हैं. अदालत ने कहा- एल्युमिनियम फॉयल को लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह बताने के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं.
इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही हाई कोर्ट ने मिठाई दुकान मालिकों को मिलावट के एक पुराने मामले में बरी करने के अपीलीय अदालत के निर्णय को पूरी तरह सही ठहराया है.

ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा, राज्य सरकार की अपील खारिज
यह मामला कानूनी दांव-पेंचों से गुजरते हुए हाई कोर्ट तक पहुंचा था. दरअसल, शुरुआती सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने तथ्यों को सही तरीके से न पढ़ते हुए आरोपियों (मिठाई दुकानदारों) को दोषी मानकर सजा सुना दी थी. इसके बाद इस फैसले को अपीलीय कोर्ट में चुनौती दी गई, जिसने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पलटते हुए आरोपियों को पूरी तरह बरी कर दिया था. अपीलीय कोर्ट द्वारा दुकानदारों को दी गई इस राहत के खिलाफ गुजरात राज्य सरकार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
फैसले से हजारों मिठाई व्यवसायियों को मिली राहत की सांस
हालांकि, मामले की गंभीरता से समीक्षा करने के बाद गुजरात हाई कोर्ट की बेंच ने राज्य सरकार की इस अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि वैज्ञानिक या विधिक रूप से ऐसा कोई प्रमाण रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं है जो इस फॉयल को सेहत के लिए हानिकारक साबित करे. कोर्ट के इस फैसले से राज्य के हजारों मिठाई व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है.
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