US Israel Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि शुक्रवार रात फिर से ईरान के बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए. यह करीब सातवीं रात थी जब अमेरिका ने कार्रवाई की. निशाने पर निगरानी केंद्र, लॉजिस्टिक सपोर्ट और भूमिगत हथियार भंडारण जगह थे.
ईरान का पलटवार
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने दवा किया कि सीरिया, कुवैत, ओमान, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. ईरान का कहना है कि इन हमलों में अमेरिकी सैनिकों को वृहद स्तर नुकसान पहुंचा है.
जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक घायल
अमेरिकी अधिकारियों कि माने तो जॉर्डन में लगभग दो सैन्य ठिकानों पर ईरान ने हमला किया है. इसमें कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं. हालांकि कितने सैनिक घायल हुए और उनकी हालत कैसी है इसकी आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई हुई है.
अमेरिकी ठिकाने कहां हैं?
जॉर्डन में अमेरिका की सबसे बड़ी मौजूदगी Muwaffaq Salti Air Base पर है. यहां फाइटर जेट्स, ड्रोन और सपोर्ट फोर्सेज तैनात हैं. इसके अलावा Prince Hassan Air Base, Tower 22 और कुछ अन्य ट्रेनिंग पोस्ट्स पर भी अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं. कुल मिलाकर जॉर्डन में अमेरिका के तीन से चार हजार सैनिक तैनात हैं.
ईरान का दावा
ईरान ने कहा कि उसने जॉर्डन के Muwaffaq Salti Air Base और Prince Hassan Air Base पर हमला किया. बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से फाइटर जेट्स, कमांड सेंटर और ईंधन भंडारण को निशाना बनाया गया. जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने ईरान की 10 मिसाइलों को मार गिराया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
वीडियो में क्या दिखा?
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में दिखा कि जैसे ही मिसाइलें बेस के पास पहुंचीं अमेरिकी पैट्रियट इंटरसेप्टर लॉन्च किए गए. सभी मिसाइलें रोकी नहीं जा सकीं और कुछ निशाने पर जरूर लगीं.
ईरान का बड़ा दावा
IRGC ने कहा कि जॉर्डन में अमेरिकी फाइटर जेट्स और ईंधन भरने वाले विमानों को निशाना बनाया गया. कुवैत में अमेरिकी HIMARS लॉन्चर और बहरीन में शेख ईसा एयर बेस पर भी हमला किया गया. ईरान का दावा है कि इन हमलों में अमेरिकी सैनिकों को भारी नुकसान हुआ.
जॉर्डन की प्रतिक्रिया
जॉर्डन की सेना ने बयान जारी कर कहा कि उसने ईरान की मिसाइलों को रोक लिया और देश के इलाके को बचा लिया. सेना ने साफ किया कि किसी नागरिक या सैनिक को नुकसान नहीं हुआ.
क्या है अमेरिकी सैनिकों की स्थिति?
अमेरिकी अधिकारियों ने माना कि सोमवार से अब तक 13 सैनिक घायल हुए हैं. इनमें 10 आर्मी के जवान और तीन नेवी के नाविक शामिल हैं. युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 14 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 427 घायल हुए हैं.
अमेरिकी हमले से ईरान में हताहत
ईरान ने बताया कि अमेरिकी हमलों में उसके 46 नागरिक मारे गए और 400 से ज्यादा घायल हुए हैं. इनमें पुल पर हुए हमले में मारे गए आठ लोग भी शामिल हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच यह संघर्ष अब कई देशों तक फैल चुका है. जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले से गंभीर हो गए हैं. दोनों पक्ष लगातार हमले कर रहे हैं और इसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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