Monsoon Session Parliament: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने वाला है. उससे पहले रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक हुई. इस बैठक में तय किया गया कि सत्र के दौरान पेश होने वाले विधेयकों पर लोकसभा में कितने घंटे चर्चा होगी. कुल छह अहम बिल इस सत्र में पेश किए जाएंगे.
पहले दिन हंगामे के आसार
सत्र की शुरुआत से ही हंगामे की संभावना जताई जा रही है. राज्यसभा में सरकार वंदे मातरम् बिल लाने जा रही है, जिसका विपक्ष विरोध करेगा. इसके अलावा लोकसभा और राज्यसभा में चंदा चोरी, नीट परीक्षा, सोनम वांगचुक का मुद्दा, टीएमसी सांसदों को अलग ग्रुप के तौर पर मान्यता और शिवसेना सांसदों के मर्जर जैसे मामलों पर भी जोरदार बहस और हंगामा होने की उम्मीद है. परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब दस बजे मीडिया से बातचीत करेंगे और विपक्ष से सदन की उपयोगिता सुनिश्चित करने की अपील करेंगे.
सभी दलों से सुझाव
बैठक में लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले सभी दलों के नेताओं को बुलाया गया. उनसे जनहित से जुड़े मुद्दों पर सुझाव मांगे गए. सरकार और विपक्षी दलों ने प्रस्तावित विधायी कार्यों और अन्य संसदीय विषयों पर अपने विचार साझा किए. साथ ही राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा कराने का सुझाव भी दिया गया.
स्पीकर की अपील
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से सहयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि संसद का सुचारु संचालन सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है. जनता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक और सार्थक चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि सांसद सहयोगात्मक भावना से काम करेंगे और मानसून सत्र को गरिमापूर्ण और उत्पादक बनाएंगे.
विदेशी अंशदान संशोधन विधेयक
इस बिल को 25 मार्च 2026 को पेश किया गया था. इसका मकसद विदेशी चंदे की पारदर्शिता बढ़ाना है. इस पर चार घंटे चर्चा होगी.
आयकर संशोधन विधेयक
यह बिल भारत के सॉवरन डेट मार्केट को मजबूत करने और वैश्विक पूंजी आकर्षित करने के लिए लाया जा रहा है. इसमें कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों को ध्यान में रखा गया है. इस पर भी चार घंटे चर्चा होगी.
सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का बिल
इस विधेयक में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है. इसका उद्देश्य लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना है. इस पर चार घंटे चर्चा होगी.
जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक
यह बिल 1969 के मूल कानून में बदलाव करेगा. इसमें विलंबित जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियमों को और सख्त और सुव्यवस्थित बनाने का प्रावधान है. इस पर भी चार घंटे चर्चा होगी.
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक
1971 के कानून में बदलाव कर राष्ट्रीय प्रतीकों और सम्मान को ठेस पहुँचाने वाले कृत्यों पर सख्त सजा का प्रावधान किया जाएगा. इस पर चार घंटे चर्चा होगी.
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MSME विकास संशोधन विधेयक
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने और भरोसा आधारित नियम लागू करने के लिए यह बिल लाया जा रहा है. इसमें देरी से होने वाले भुगतानों के तंत्र को मजबूत करने और राज्यों को अधिक अधिकार देने का प्रस्ताव है. इस पर पांच घंटे चर्चा होगी.
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