लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर देश के युवाओं और छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर तत्काल चर्चा कराने की जोरदारा मांग की है. इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ-साथ समाजवादी पार्टी, वाम दलों और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) समेत कई प्रमुख विपक्षी दलों के सांसद भी उनके साथ मौजूद रहे.
‘संसद का उद्देश्य क्या?’: राहुल गांधी
विपक्ष का कहना है कि देश की परीक्षा व्यवस्था में लगातार आ रही समस्याओं और छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर सरकार को संसद के पटल पर जवाब देना चाहिए.
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने तीखा सवाल उठाया. उन्होंने कहा, ‘अगर संसद भारत के युवाओं के भविष्य, उनकी शिक्षा और उनके बुनियादी अधिकारों पर चर्चा नहीं कर सकती, तो फिर इस सदन का उद्देश्य ही क्या रह जाता है?’
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाया आरोप
राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि अपने भविष्य और रोजगार को लेकर शांतिपूर्ण सवाल उठाने वाले छात्रों के साथ बेहद कठोर और अलोकतांत्रिक व्यवहार किया गया है. उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार इस संवेदनशील मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाने पूरी तरह विफल रही है और विपक्ष इस मुद्दे को आसानी से दबने नहीं देगा. संसद के भीतर और बाहर छात्रों की इस आवाज को लगातार मजबूती से उठाया जाएगा.
जवाबदेह बनाने का किया संकल्प
विपक्षी दलों के नेताओं का एक स्वर में यह कहना है कि देश में शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी परीक्षा प्रणालियों से जुड़े सवालों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करना और उसे जवाबदेह बनाना लोकतंत्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. विपक्षी सांसदों ने चेतावनी दी है कि जब तक युवाओं के अधिकारों पर ठोस बात नहीं होती, तब तक वे इस मुद्दे को छोड़ेंगे नहीं.
ये भी पढ़ें: संसद सुरक्षा चूक केस में आरोपी सागर शर्मा को कोर्ट से बड़ी राहत, एक महीने की अंतरिम जमानत
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


