नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर की गई कार्रवाई को लेकर याचिका पर सुनवाई से इनकार को लेकर खंडन किया है. सीजेआई सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में उस दिन की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट किया है.
कोई में कोई रिट याचिका नहीं
सीजेआई ने इस मीडिया रिपोर्टिंग को भ्रामक और लापरवाह बताया है. सीजेआई ने साफ किया है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दायर नहीं की गई थी. सीजेआई ने यह टिप्पणी तब किया जब वरिष्ठ वकील शोएब आलम ने एक अन्य मामले की लिस्टिंग का जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से पूरी तरह गलत बात कही जा रही है कि मामला दाखिल किया गया था. सुबह 10 बजे तक एक भी पेज दाखिल नही हुआ था. यह सिर्फ एक प्रतिनिधित्व था, जिसे मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति ने भेजा था.
बिना तथ्यों की जांच किए खबरे हुई प्रकाशित
मीडिया ने गलत तरीके से खबर चला दी कि मैंने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया. यह केवल एक प्रतिनिधित्व था और लोगों ने बिना तथ्यों की जांच किए खबरे प्रकाशित कर दी. सीजेआई सूर्यकांत ने तब कहा था कि उनके पास वीडियो देखने का वक्त नहीं है. उनका समय बर्बाद न किया जाए.
यह बयान जब वायरल हुआ तो खुद सीजेआई सूर्यकांत ने उस टिप्पणी की सच्चाई बताई है. 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के वकील नरेंद्र मिश्रा ने बिना लिखित याचिका दायर किए सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने की मांग को लेकर मेंशन किया था. उन्होंने अदालत ने कहा था कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो मौजूद हैं, जिनमें पुलिस प्रदर्शनकरियों के साथ मारपीट करती दिखाई दे रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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