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छात्र प्रदर्शन के बीच मोदी कैबिनेट के बड़े मंत्री ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया मंजूर

Railway Minister Resignation: रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने आज शुक्रवार की शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया. राष्ट्रपति मुर्मू ने पीएम मोदी की सलाह पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से बिट्टू का इस्तीफा तत्काल स्वीकार कर लिया है.

Railway Minister Resignation

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Railway Minister Resignation: NEET पेपर लीक की वजह से हो रहे छात्रों के आंदोलन के बीच पीएम मोदी की तरकश से एक तीर कम हो गया है. रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने आज शुक्रवार की शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया. राष्ट्रपति मुर्मू ने पीएम मोदी की सलाह पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से बिट्टू का इस्तीफा तत्काल स्वीकार कर लिया है. गौरतलब है कि रवनीत का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को ही खत्म हो गया था.

इस संबंध में राष्ट्रपति भवन की तरफ से जानकारी साझा की गई है. जिसके अनुसार रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. यह निर्णय संविधान के आर्टिकल 75 (2) के तहत लिया गया है.

बीजेपी ने नहीं बनाया था उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी के नेता रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा शुक्रवार को मंजूर कर लिया गया. भाजपा ने 18 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था. इसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा चल रही थी. हालांकि, पार्टी की तरफ से अब तक उनसे इस्तीफा नहीं मांगा गया था. अब उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है.

रवनीत सिंह बिट्टू ने 24 मार्च 2024 को कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था. पंजाब की राजनीति में उनका नाम लंबे समय से जाना-पहचाना रहा है. वह तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं.

बिट्टू पहली बार 2009 में आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. इसके बाद उन्होंने 2014 और 2019 के आम चुनाव में लुधियाना सीट से जीत दर्ज की. कांग्रेस में रहते हुए उन्हें पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता था.

कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे

उन्होंने 11 मार्च 2021 से 18 जुलाई 2021 तक लोकसभा में कांग्रेस के नेता की जिम्मेदारी भी संभाली थी. उस समय कांग्रेस के लोकसभा नेता अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त थे. ऐसे में पार्टी ने कुछ समय के लिए बिट्टू को लोकसभा में नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी थी. इससे पहले उन्हें लोकसभा में कांग्रेस का सचेतक भी बनाया गया था.

रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं. उनके परिवार की पंजाब की राजनीति में लंबे समय से मजबूत पहचान रही है.

पिछला लोकसभा चुनाव हार गए थे बिट्टू

साल 2024 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था. चुनावी नतीजे उनके पक्ष में नहीं रहे, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी गई.

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बिट्टू पहले भी कई बार चर्चा में रह चुके हैं. जनवरी 2021 में किसान आंदोलन के दौरान सिंघू बॉर्डर पर आयोजित जन संसद कार्यक्रम में उन पर हमला किया गया था. इस घटना के बाद उनकी सुरक्षा और किसान आंदोलन को लेकर उनके रुख पर काफी बहस हुई थी. अब उनका इस्तीफा मंजूर होने के बाद राजनीतिक हलकों में आगे की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

-भारत एक्सप्रेस



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