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कितने पढ़े-लिखे हैं नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी? जानिए RSS से लेकर राजनीतिक सफर तक सब कुछ

प्रह्लाद जोशी को देश के नए शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. जानिए उनकी पढ़ाई-लिखाई, हुबली ईदगाह आंदोलन और राजनीतिक सफर से जुड़ी खास बातें.

Pralhad Joshi, Education Minister

Pralhad Joshi: देश की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है जहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के धारवाड़ से लंबे समय से सांसद चले आ रहे प्रह्लाद जोशी को देश के नए शिक्षा मंत्रालय की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. वैसे तो मोदी सरकार में उनके पास पहले से ही उपभोक्ता मामलों के साथ-साथ कई अहम मंत्रालय हैं लेकिन अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद से उनके बारे में जानने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता बढ़ गई है.

खासकर युवा यह जानने में खासे दिलचस्पी ले रहे हैं कि आखिर देश की शिक्षा व्यवस्था संभालने वाले प्रह्लाद जोशी की खुद की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन क्या है और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है.

कितनी पढ़ाई-लिखाई की है प्रह्लाद जोशी ने?

अगर बात प्रह्लाद जोशी की शिक्षा की करें, तो उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई कर्नाटक के हुबली स्थित रेलवे स्कूल और न्यू इंग्लिश स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए कर्नाटक यूनिवर्सिटी के श्री कदासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज का रुख किया और कला यानी बीए (BA) में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की.

खास बात यह है कि वे कॉलेज के दिनों से ही छात्र जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़ गए थे और पढ़ाई पूरी होते ही पूरी तरह से राजनीति के मैदान में उतर आए.

RSS से हुबली ईदगाह आंदोलन तक का सफर

प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर काफी संघर्षों और बड़े आंदोलनों से भरा रहा है. नब्बे के दशक यानी साल 1992 से 1994 के बीच वे तब देश भर की सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने ऐतिहासिक हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के लिए एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया था. इसके अलावा उन्होंने देशहित से जुड़े कश्मीर बचाओ आंदोलन की कमान भी संभाली थी.

साल 1995 में औपचारिक रूप से बीजेपी से जुड़ने के बाद उन्होंने संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बनानी शुरू कर दी. वे 1995 से 1998 तक कर्नाटक के धारवाड़ जिले में बीजेपी के अध्यक्ष रहे और फिर 1998 से 2003 तक जिला महासचिव की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद साल 2004 में उन्होंने चुनावी राजनीति में कदम रखा और धारवाड़ सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंचे.

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मोदी सरकार में संभाल चुके हैं कई बड़े विभाग

संगठन और सरकार दोनों में लंबा अनुभव रखने वाले प्रह्लाद जोशी साल 2014 से 2016 तक कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. मोदी सरकार के दूसरे और तीसरे कार्यकाल में वे लगातार अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते आ रहे हैं. संसदीय कार्य मंत्रालय से लेकर कोयला, खान, और उपभोक्ता मामलों के बाद अब उन्हें देश के शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा भी दे दिया गया है जिसे संभालने के लिए वह पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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