Datia Bypoll: दतिया/मनोज चौबे: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में विधानसभा उपचुनाव के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है. चुनाव प्रचार के दौरान एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है. आरोप है कि बीजेपी के प्रचार वाहन पर कुछ लोगों ने हमला कर उसके पोस्टर और बैनर फाड़ दिए. इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
चंद्रशेखर के समर्थकों ने किया उपद्रव?
यह घटना जिगना थाना क्षेत्र के उदगवां गांव की बताई जा रही है. शिकायत के मुताबिक, आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की सभा से लौट रहे कुछ लोगों ने बीजेपी के प्रचार वाहन को निशाना बनाया. वाहन पर लगे प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है. हालांकि अभी तक किसी भी आरोपी की आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
दतिया में क्यों हो रहा उपचुनाव?
दरअसल, दतिया में इस समय विधानसभा उपचुनाव को लेकर जोरदार चुनाव प्रचार चल रहा है. यह सीट कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी. धोखाधड़ी के एक मामले में सजा मिलने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया जा रहा है. निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त 2026 को की जाएगी.
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, फिर भी कर रहे प्रचार
इस चुनाव में बीजेपी ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है. वहीं कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया है. साल 2023 के विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को इसी सीट से हार का सामना करना पड़ा था. ऐसे में बीजेपी इस बार किसी भी कीमत पर दतिया सीट अपने खाते में लाना चाहती है, जबकि कांग्रेस अपनी जीत बरकरार रखने की कोशिश में जुटी हुई है.
दिलचस्प बात यह है कि टिकट नहीं मिलने के बावजूद नरोत्तम मिश्रा पार्टी के चुनाव प्रचार में पूरी सक्रियता से शामिल हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता लगातार दतिया में चुनावी सभाएं और जनसंपर्क अभियान कर रहे हैं. दूसरी ओर कांग्रेस भी मोहल्ला बैठकों, घर-घर संपर्क और संगठन को मजबूत करने की रणनीति के साथ चुनाव मैदान में डटी हुई है.
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हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरोत्तम मिश्रा के साथ दतिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को कोई और नहीं, बल्कि उसके अपने कर्म नुकसान पहुंचा रहे हैं. अब मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है. सभी की नजर 30 जुलाई के मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों पर टिकी है, जो तय करेंगे कि दतिया की जनता इस बार किस उम्मीदवार पर अपना भरोसा जताती है.
-भारत एक्सप्रेस
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