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फर्जी कंपनियां, बिंग ऐप और कमीशन का खेल… नोएडा में पकड़ा गया हाई-टेक साइबर ठग गिरोह

Noida Cyber Fraud Gang Busted: नोएडा की फेस-3 थाना पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए लोगों में छह पुरुष और एक महिला शामिल हैं.

Noida Cyber Fraud Gang Busted

Noida Cyber Fraud Gang Busted

Noida Cyber Fraud Gang Busted: नोएडा की फेस-3 थाना पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए लोगों में छह पुरुष और एक महिला शामिल हैं.

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, चेकबुक, स्टांप, लेटरहेड और लोगों के डेटा से जुड़ी सूची समेत कई सामान बरामद किए गए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जाता था.

ऑपरेशन साइबर वज्र के तहत की गई कार्रवाई

एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने बताया कि फेस-3 थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि गढ़ी चौखंडी इलाके के एक होटल में कुछ संदिग्ध लोग ठहरे हुए हैं. ये लोग डिजिटल अरेस्ट और कंपनियों में निवेश के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे.

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी. अलग-अलग कमरों की तलाशी के दौरान सात संदिग्धों को पकड़ा गया. पूछताछ और बरामद सामान की जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

राधे है इस गिरोह का मास्टरमाइंड

पुलिस का कहना है कि गिरोह मुख्य रूप से म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने का काम करता था. साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठगते थे और रकम इन फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कराते थे. इसके बदले खाताधारकों और गिरोह के सदस्यों को कमीशन दिया जाता था.

पूछताछ में आरोपियों ने राधे नाम के एक व्यक्ति को गिरोह का मास्टरमाइंड बताया है. आरोप है कि वही इन लोगों को साइबर फ्रॉड के लिए डेटा उपलब्ध कराता था और फर्जी कंपनियों के नाम पर खाते खुलवाने में मदद करता था.

ऐसे करते थे खातों को खाली

पुलिस के अनुसार, राधे आरोपियों के मोबाइल में ‘बिंग’ नाम की एक एपीके फाइल डाउनलोड कराता था. इस ऐप की मदद से बैंक खातों में आने वाली रकम की जानकारी उसे तुरंत मिल जाती थी. इसके बाद पैसा दूसरे खातों में भेज दिया जाता था और आरोपियों को उनका हिस्सा दे दिया जाता था.

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फिलहाल पुलिस फरार मास्टरमाइंड और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन खातों के जरिए अब तक कितने लोगों से और कितनी रकम की ठगी की गई.

-भारत एक्सप्रेस



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