Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

आय से अधिक संपत्ति मामला: इलाहाबाद HC के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, 17 अगस्त को होगी सुनवाई

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई व ईडी जांच से जुड़े इलाहाबाद हाईकोर्ट के 12 मई 2026 के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर 17 अगस्त 2026 को सुनवाई करेगा.

Rahul Gandhi

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़ा मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) पहुंच गया है. राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है, जिसमें जांच एजेंसियों को भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत पर जांच करने के निर्देश दिए गए थे. सुप्रीम कोर्ट आगामी 17 अगस्त 2026 को राहुल गांधी की इस याचिका पर पहली आधिकारिक सुनवाई करेगा.

CBI और ED को जांच के निर्देश

इससे पहले, इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने 12 मई 2026 को इस संवेदनशील मामले में बंद कमरे में (In-Camera Proceeding) करीब दो घंटे तक गहन सुनवाई करने के बाद अपना फैसला सुनाया था. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि-

“यह उम्मीद की जाती है कि यदि याचिकाकर्ता की शिकायत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा प्राप्त कर ली गई है, तो शिकायत में लगाए गए आरोपों का कानून के अनुसार विधिवत सत्यापन किया जाएगा. जांच एजेंसियां (CBI व ED) कानून के तहत अनुमत उचित व आवश्यक कदम उठाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं.”

हाई कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की थी कि ईडी और सीबीआई इस मामले में अपनी जांच आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं और यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की वित्तीय या वैधानिक गड़बड़ी पाई जाती है, तो एजेंसियां कानून के मुताबिक सख्त एक्शन ले सकती हैं.

केंद्र सरकार व SFIO को 8 हफ्ते का नोटिस

मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सीबीआई द्वारा दाखिल हलफनामे (Affidavit) पर असंतोष व्यक्त करते हुए उसे काफी हद तक अस्पष्ट करार दिया था. अदालत ने सीबीआई और ईडी के अलावा केंद्र सरकार के प्रमुख विभागों को कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा था कि वे राहुल गांधी के खिलाफ याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों पर विस्तृत समीक्षा कर 8 सप्ताह के भीतर अपना आधिकारिक जवाब (Counter Affidavit) कोर्ट में दाखिल करें.

कौन-कौन से हैं विभाग?

  • कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT),
  • राजस्व विभाग (Department of Revenue),
  • वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance),
  • कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA), तथा
  • गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) के निदेशक

ये भी पढ़ें: खुशी कपूर को हाईकोर्ट से बड़ी रहात: सोशल मीडिया से पोर्नोग्राफिक कंटेंट हटाने के निर्देश

भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर के आरोप

यह पूरा कानूनी विवाद भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका से शुरू हुआ था. याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर का सीधा आरोप था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पास घोषित स्रोतों की तुलना में अत्यधिक और आय से अधिक संपत्ति मौजूद है. इसी शिकायत को आधार बनाते हुए हाई कोर्ट ने जांच का रास्ता साफ किया था, जिसे अब राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. 17 अगस्त को शीर्ष अदालत के रुख पर राजनीतिक और कानूनी गलियारों की निगाहें टिकी रहेंगी.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital