Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

मेरठ में सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी, दिल्ली पुलिस का बर्खास्त सिपाही निकला आरोपी

मेरठ में प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले सॉल्वर गैंग के कथित मास्टरमाइंड प्रशांत उर्फ मोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

मेरठ में प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले एक बड़े सॉल्वर गैंग के खिलाफ पुलिस को अहम कामयाबी मिली है. पुलिस ने गैंग के कथित मास्टरमाइंड प्रशांत उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था. खास बात यह है कि मोनू दिल्ली पुलिस का बर्खास्त सिपाही बताया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक, नोएडा निवासी प्रशांत उर्फ मोनू पर प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी कराने और अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाने जैसे गंभीर आरोप हैं. बताया जा रहा है कि वह अलग-अलग राज्यों में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं को निशाना बनाता था. इस नेटवर्क के जरिए परीक्षा में दूसरे लोगों को बैठाने समेत कई तरीकों से सेंधमारी की जाती थी.

तीन साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था मोनू

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोनू के खिलाफ वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश एसटीएफ की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था. इसके बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था. मेरठ पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी और आखिरकार सिविल लाइन थाना पुलिस तथा स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में उसे पकड़ लिया गया.

पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं. उसके खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले सामने आने की बात भी कही गई है. ऐसे में उसकी गिरफ्तारी को परीक्षा में होने वाली धांधली के नेटवर्क की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

मोनू की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके गैंग में कौन-कौन लोग शामिल हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी का यह नेटवर्क किस तरह काम करता था.

पुलिस यह भी जानकारी जुटा रही है कि गैंग ने अब तक किन परीक्षाओं को निशाना बनाया और इसमें कितने अभ्यर्थियों या अन्य लोगों की भूमिका रही. अधिकारियों को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कुछ और नाम सामने आ सकते हैं.

मेरठ के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोनू करीब तीन वर्षों से फरार था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी. अब गिरफ्तारी के बाद जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. पुलिस की नजर इस बात पर भी है कि परीक्षा में धांधली कराने वाले इस नेटवर्क का दायरा मेरठ और आसपास के इलाकों से कितना बड़ा है.

ये भी पढ़ें: विकसित भारत @2047 के निर्माण में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका पर लखनऊ में राज्य स्तरीय सेमिनार

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital