दिशा सालियान केस में 'मिस्ट्री गर्ल' की एंट्री
Disha Salian Death Case Update: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. CBI ने हाल ही में FIR दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया है. इस बार चर्चा का केंद्र उस लड़की की पहचान है, जो कथित तौर पर दिशा को शताब्दी अस्पताल लेकर गई थी.
दिशा को अस्पताल पहुंचाने वाले कौन?
8-9 जून 2020 की रात मालाड इलाके में दिशा की मौत हुई थी. गंभीर हालत में उन्हें शताब्दी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. अब सवाल यह है कि उस रात अस्पताल पहुंचाने वालों में कौन-कौन शामिल थे.
पुलिस कांस्टेबल ने क्या कहा?
पुलिस कांस्टेबल संतोष कचिराट गुनगुने का बयान 15 जून 2020 को दर्ज हुआ था. इसमें कहा गया कि दिशा को अस्पताल दो लड़के और एक लड़की लेकर आए थे. इनमें से एक युवक की पहचान हिमांशु शिखरे के रूप में बताई गई.
केस में नई लड़की का एंगल
दिशा के मंगेतर रोहन राय और अन्य गवाहों ने कहा था कि दिशा को अस्पताल हिमांशु शिखरे और इंद्रनील वैद्य लेकर गए थे. बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में भी यही बयान दर्ज है. लेकिन पुलिसकर्मी के कथित बयान में एक लड़की का जिक्र है, जिससे नया रहस्य खड़ा हो गया है.
तीसरे शख्स की तलाश जारी
अगर सच में कोई लड़की अस्पताल तक पहुंची थी, तो उसकी पहचान बेहद अहम है. क्या उसका बयान दर्ज हुआ? क्या उसके मोबाइल लोकेशन या कॉल रिकॉर्ड जांचे गए? यह सब जांच एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण सवाल हैं.
CCTV फुटेज की क्या है अहमियत?
अस्पताल के CCTV फुटेज इस मामले की गुत्थी सुलझा सकते हैं. फुटेज से पता चल सकता है कि कौन सी गाड़ी आई थी? कौन लोग उतरे थे? और दिशा को अंदर कौन लेकर गया था? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह फुटेज सुरक्षित रखा गया था?
सोशल मीडिया पर लड़की के नाम का दावा
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मौजूद लड़की राधिका नेहलानी हो सकती हैं. उनका नाम पहले भी सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़े कुछ वीडियो और चर्चाओं में सामने आया था. हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
क्या आपस में जुड़े हैं सुशांत-दिशा का केस?
दिशा और सुशांत की मौत कुछ ही दिनों के अंतराल पर हुई थी. इसी वजह से दोनों मामलों को लेकर कई अटकलें लगीं. लेकिन मुंबई पुलिस ने उस समय दोनों घटनाओं को जोड़ने से इनकार किया था. अब CBI जांच में यह पहलू फिर से देखा जा सकता है.
बड़े नाम, बिना सबूत के दावे
कुछ लोगों ने राधिका को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और अधिकारी अभिषेक त्रिमुखे से जोड़ने की बातें भी कीं. लेकिन ये केवल दावे हैं, जिनकी पुष्टि दस्तावेज, कॉल रिकॉर्ड या CCTV से ही हो सकती है.
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जांच एजेंसी के सामने बड़ी चुनौती
CBI के पास अब यह जिम्मेदारी है कि अस्पताल वाली लड़की की पहचान स्पष्ट करे. उसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि उसका दिशा या सुशांत केस से कोई वास्तविक संबंध था या नहीं.
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-भारत एक्सप्रेस
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