पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच पगड़ी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है
Punjab Turban Controversy: अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड सहित5 राज्यों में चुनाव होने हैं. एक तरफ पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच पगड़ी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस टैलेंट हंट कार्यक्रम के जरिये चुनावी राज्यों में अपनी नई मीडिया टीमों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है. पहले बात पंजाब की करते हैं.
पंजाब में विधानसभा चुनाव की आहट होते ही हरियाणा के मुख्यमंत्री की गुरुओं की जमीन पर सियासी सक्रियता तेज हो गई है. वो लगातार पंजाब का दौरा कर बीजेपी के पक्ष में नैरेटिव गढ़ने की कोशिश करते दिख रहे हैं. अपने दौरों के दौरान वो पगड़ी पहनकर और पंजाबी में लोगों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं. लोग इसे पंजाबियों से जुड़ने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं.
इसी बीच पंजाब के सीएम भगवंत मान ने नायब सैनी की पगड़ी को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी जिसने माहौल गर्मा दिया. उन्होंने कहा कि सैनी पंजाब में घुसने से पहले पगड़ी पहनते हैं. वो पगड़ी के जरिये राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं. भगवंत मान के इस बयान ने पंजाब में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है.
दस्तार पर मान की टिप्पणी से भावनाएं आहत
नायब सिंह सैनी ने पंजाबी सीएम पर पलटवार करते हुए माफी मांगने की मांग की है. उन्होंने कहा कि दस्तार (पगड़ी) केवल पहनावा नहीं बल्कि, गुरुओं के सम्मान और परंपरा का प्रतीक है. गुरुओं के इस सम्मान को लेकर भगवंत मान की टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. इसके लिए उन्हें अपने बयान को लेकर माफी मांगनी चाहिये.
उधर कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए टैलेंट हंट प्रोग्राम शुरू कर दिया है. इस कार्यक्रम के तहत चुने गए लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही है. पार्टी ने उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में नई मीडिया टीमें गठित की है.
पवन खेड़ा की देखरेख में चल रहा कार्यक्रम
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा की देखरेख में यह कार्यक्रम चल रहा है. इस कार्यक्रम का उद्वेश्य पार्टी में ऐसे लोगों को लाना है जो पार्टी की विचारधारा, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ रखते हो और मीडिया व सार्वजनिक मंचों से पार्टी का पक्ष बेहतर तरीके से रख सकें.
वहीं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने 100 से अधिक लोगों की टीम तैयार की है. इसमें प्रवक्ता, मीडिया पैनलिस्ट, रिसर्चर्स और प्रचारक शामिल हैं वहीं हिमाचल प्रदेश में भी दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं.
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राजनीतिक जानकारों के मुताबिक पंजाब में पगड़ी विवाद और कांग्रेस की नई टीम बनाना, दोनों ही आने वाले चुनावों को लेकर शुरू हुए हैं. जहां भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस अपनी मीडिया मैनेजमेंट को मजबूत करने की कोशिश कर रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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