चित्रकूट में हुए रहस्यमयी विस्फोट के बाद एसआईटी व बीडीएस टीम जांच में जुटी.(PC:भारत एक्सप्रेस)
UP BJP Leader Plot Blast:चित्रकूट/ज़ियाउल हक़: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद में 12 सितंबर को भाजपा नेता के प्लॉट में हुए रहस्यमयी विस्फोट ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है. हादसे के पांच दिन बीत जाने के बाद भी न तो धमाके की वजह साफ हो सकी है और न ही मौके से मिले इंसानी अंगों वाले व्यक्ति की पहचान हो पाई है.
चित्रकूट में भाजपा नेता के प्लॉट में 12 सितंबर को हुए भीषण विस्फोट में इंसानी पैर और विस्फोटक सामग्री मिलने के 5 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. एसआईटी, बीडीएस, ड्रोन और सर्विलांस टीमों की मदद के बावजूद मृतक के बाकी अंगों का सुराग नहीं मिला है. पुलिस आसपास के जिलों और डंप टावर डेटा के आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है.
क्या है मामला?
चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्वी-राजापुर मुख्य मार्ग पर सिंघनिया बाबा तालाब के पास स्थित एक खाली प्लॉट में 12 सितंबर को जोरदार धमाका हुआ था. यह प्लॉट लोहदा गांव निवासी और भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के आपदा राहत एवं सहयोग विभाग के क्षेत्रीय संयोजक जगदीश गौतम का है. घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस को सोमवार को जांच के दौरान मानव अवशेष और कपड़ों के जले हुए टुकड़े मिले थे.
इसके अलावा मौके से इलेक्ट्रिक इग्निशन प्लेट, रंग-बिरंगे तार, जली हुई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के पुर्जे और अधजली चटाई बरामद हुई. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि धमाके में कटे हुए दो इंसानी पैर मिले- एक प्लॉट के भीतर और दूसरा करीब 200 मीटर दूर मुख्य मार्ग के पार.
पुलिस के हाथ अभी तक कोई सफलता नहीं
कानपुर और प्रयागराज से आई बम निरोधक दस्ता (BDS) की टीमों ने घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और बारूद के सैंपल सुरक्षित किए हैं. पुलिस टीमों ने 200 से 500 मीटर के दायरे में स्थित तालाब और बंधान में मृतक के बाकी अंगों (सिर और धड़) की काफी खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है. गायब अंगों का सुराग न मिलने से पुलिस का मानना है कि मृतक किसी बाहरी जिले या दूरदराज के क्षेत्र का रहने वाला हो सकता है. इसके लिए आसपास के जिलों और थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाली जा रही है.
पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही लगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने राजापुर सीओ के नेतृत्व में एसआईटी (SIT) का गठन किया है. एसपी के अनुसार, शुरुआती जांच, कपड़ों और मिले पैरों के आधार पर मृतक मध्यम वर्ग का लगभग 25 वर्ष से अधिक उम्र का पुरुष प्रतीत होता है. घटना का खुलासा करने के लिए मैनुअल कॉम्बिंग, ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद ली जा रही है.
अब डंप टावर डेटा का एनालिसिस किया जा रहा है ताकि उस वक्त एक्टिव फोन नंबरों से कोई सुराग मिल सके. प्रथम दृष्टया बीडीएस टीम ने खनन में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक की आशंका जताई है. हालांकि, किसी आतंकी साजिश के सवाल पर पुलिस ने कहा कि घटना एक शांत और सुनसान जगह पर हुई है, फिर भी सभी एंगल से जांच जारी है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



