पटना में बैठकर अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों से कथित साइबर ठगी
Patna cyber fraud: पटना/ आशुतोष: बिहर की राजधानी पटना में बैठकर विदेशों में साइबर ठगी का नेटवर्क चलाने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. मुसल्लहपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों को तकनीकी खराबी का डर दिखाकर अपने जाल में फंसाते थे और फिर उनके कंप्यूटर सिस्टम का एक्सेस हासिल कर पैसे ऐंठते थे. गिरफ्तार आरोपियों में तीन MBA पास बताए जा रहे हैं, जबकि एक के पास टेक्निकल डिग्री है.
ASP राजकिशोर सिंह के अनुसार, शुक्रवार रात मुसल्लहपुर पुलिस रामपुर रोड पर वाहनों की जांच कर रही थी. इसी दौरान करीब साढ़े नौ बजे एक बाइक सवार युवक पुलिस को देखकर भागने लगा. शक होने पर पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया, पूछताछ में उसकी पहचान राजीवनगर निवासी 26 वर्षीय अक्षय कुमार साह के रूप में हुई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में अक्षय ने साइबर ठगी के नेटवर्क में शामिल होने की बात कबूल की.
एक के बाद एक दबोचे गए तीन और आरोपी
अक्षय की निशानदेही पर पुलिस ने गोला रोड स्थित विवेक विहार कॉलोनी के एक मकान में छापा मारा. वहां से भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के महुआ निवासी 31 वर्षीय ओम प्रकाश ठाकुर और औरंगाबाद के श्री कृष्णा नगर अहरी निवासी 27 वर्षीय अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद पास के एक कमरे में छापेमारी कर सहरसा के गोलमा निवासी सत्यम कुमार को भी पकड़ लिया गया.
तकनीकी सपोर्ट के नाम पर बनाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार, आरोपी इंटरनेशनल कॉल के जरिए विदेशी नागरिकों से संपर्क करते थे. खुद को टेक्निकल सपोर्ट देने वाला कर्मचारी बताकर वे कंप्यूटर या लैपटॉप में वायरस अथवा दूसरी तकनीकी समस्या होने की बात कहते थे. इसके बाद ऑनलाइन तरीके से सिस्टम का एक्सेस लेने की कोशिश की जाती थी.
पुलिस का कहना है कि समस्या ठीक करने के नाम पर पीड़ितों से APK या मालवेयर इंस्टॉल कराया जाता था. इसके बाद कंप्यूटर को लॉक या बंद कर दिया जाता था. सिस्टम दोबारा चालू करने या समस्या दूर करने के नाम पर उनसे डॉलर में मोटी रकम मांगी जाती थी.
हवाला के जरिए भारत आती थी रकम
पुलिस के मुताबिक, विदेशी नागरिकों से ठगी गई रकम हवाला नेटवर्क के जरिए भारत मंगाई जाती थी. पुलिस अब इस पूरे लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
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छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से दो बाइक, नौ एंड्रॉयड मोबाइल, सात ATM कार्ड, 1.09 लाख रुपये नकद, चार लैपटॉप, दो माइक वाले हेडफोन, तीन लैपटॉप चार्जर और एक नामी कंपनी का नेट फाइबर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किए गए हैं.
पुलिस जब्त उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने विदेशी नागरिक इस गिरोह के निशाने पर आए और उनसे कितनी रकम की ठगी की गई. चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को नेटवर्क में कुछ और लोगों के शामिल होने का भी संदेह है.
-भारत एक्सप्रेस
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