Bharat Express DD Free Dish

बिना नया FASTag खरीदे बदलना चाहते हैं बैंक? गडकरी की ‘OneTag’ सर्विस का ये है पूरा प्रोसेस

अगर आप अपने फास्टैग का बैंक बदलना चाहते हैं तो अब नया टैग लगवाने की जरूरत नहीं है. सरकार की नई ‘OneTag’ सर्विस के जरिए आप बिना विंडस्क्रीन का टैग बदले आसानी से बैंक बदल सकते हैं.

FASTag OneTag

FASTag यूजर्स को बड़ी राहत

FASTag OneTag: अगर आप कार से सफर करते हैं और टोल प्लाजा पर FASTag का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है. अक्सर ऐसा होता है कि हम किसी बैंक के FASTag सर्विस से खुश नहीं होते और बैंक बदलना चाहते हैं, लेकिन इसके चक्कर में पुराना टैग बंद कराना, नया टैग खरीदना और विंडस्क्रीन पर दोबारा लगवाना बड़ा सिरदर्द का काम लगता है. इस झंझट से राहत दिलाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ‘OneTag’ नाम से एक शानदार सुविधा शुरू की है. इस नई व्यवस्था के तहत अब आपको बैंक बदलने के लिए अपनी गाड़ी पर नया फास्टैग लगवाने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी.

कैसे काम करती है OneTag की सुविधा?

इस पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया गया है. NHAI के ‘राजमार्गयात्रा’ (Rajmargyatra) मोबाइल ऐप के जरिए आप घर बैठे अपने FASTag का बैंक बदल सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले ऐप में लॉगिन करना होगा और अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा. ऐप तुरंत यह चेक करके बता देगा कि आपकी गाड़ी इस सुविधा के लिए योग्य है या नहीं. इसके बाद आपको अपनी पहचान की पुष्टि करनी होगी, कुछ जरूरी मंजूरी देनी होंगी और अपनी पसंद का नया बैंक चुनना होगा.

अब पुराने पैसों का क्या होगा?

नया बैंक चुनते समय आपको दोबारा केवाईसी (KYC) प्रक्रिया से गुजरना होगा, ताकि बैंक आपकी पहचान की सही से जांच कर सके. इस प्रोसेस की शुरुआत में आपके पुराने बैंक से एक छह अंकों का मोबाइल वेरिफिकेशन कोड (MVC) मिलेगा, जिससे वेरिफिकेशन होगा.

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आपके पुराने FASTag वॉलेट में जो पैसे बचे हैं, उनका क्या होगा? तो आपको बता दें कि बैंक बदलते ही आपका पुराना वॉलेट बंद हो जाएगा, लेकिन पुराना बैंक सारे हिसाब-किताब और जरूरी कटौतियां करने के बाद आपका बचा हुआ पैसा आपको वापस लौटा देगा. इसके अलावा, एक बात का और ध्यान रखें कि एक बार बैंक बदलने के बाद आपको अगले छह महीने तक यानी ‘कूलिंग पीरियड’ तक दोबारा बैंक बदलने का मौका नहीं मिलेगा.

ये भी पढ़ें- Gold Silver Price Today: फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ने के बाद सोने में जबरदस्त तेजी, जानिए क्या है ताजा भाव

FASTag और OneTag के फायदे

फास्टैग एक ऐसा छोटा सा स्टीकर होता है जो रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर काम करता है और गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है. जब गाड़ी टोल से गुजरती है, तो टोल टैक्स सीधे लिंक किए गए बैंक खाते से कट जाता है, जिससे लंबी लाइनों में खड़े होकर कैश देने का झंझट खत्म हो जाता है. भारत में 1 जनवरी 2021 से चार पहिया और उससे बड़े वाहनों के लिए यह अनिवार्य भी है. अब ‘OneTag’ आने से वाहन चालकों को बार-बार टैग बदलने की झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी और वे अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी बैंक बदल सकेंगे.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read