म्यांमार ट्रेनिंग कैंप और ड्रोन तस्करी से जुड़े बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक (Matthew Aaron VanDyke) के मामले में नया मोड़ आ गया है. राऊज एवेन्यु कोर्ट से डिफॉल्ट जमानत मिलने के बाद अब वैनडाइक की कानूनी टीम इस मामले में डिस्चार्ज (उन्मोचन) याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है.
जमा किया 5.5 लाख रुपये का कंपाउंडिंग शुल्क
कानूनी प्रक्रियाओं के तहत मैथ्यू एरॉन वैनडाइक ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 की धारा 21 और 23 के तहत दर्ज अपराधों के संबंध में फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) में 5.5 लाख रुपये का कंपाउंडिंग शुल्क (Compounding Fee) जमा कर दिया है.
NIA कोर्ट से मिली थी डिफॉल्ट जमानत
इससे पहले, एनआईए कोर्ट के विशेष जज प्रशांत शर्मा की अदालत ने मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर डिफॉल्ट जमानत दे दी थी. हालांकि, अदालत ने अपने आदेश में यह स्पष्ट शर्त रखी थी कि वैनडाइक बिना कोर्ट की अनुमति के दिल्ली छोड़कर नहीं जा सकेंगे. सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दलील दी थी कि एनआईए द्वारा हाल ही में दाखिल चार्जशीट में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराएं शामिल नहीं की गई हैं.
एनआईए ने मार्च में वैनडाइक समेत कुल 6 यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. शुरुआत में इस मामले में यूएपीए की धारा 18 समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था, लेकिन राऊज एवेन्यु कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में फिलहाल आव्रजन और विदेशी अधिनियम की धाराओं 21 और 23 (भारत में अवैध प्रवेश, ठहरने और आवाजाही) के तहत ही आरोप लगाए गए हैं.
मामले की पृष्ठभूमि और म्यांमार कनेक्शन
जांच एजेंसी एनआईए (NIA) के मुताबिक, इस साल मार्च में गिरफ्तार किए गए इन विदेशी नागरिकों की म्यांमार में एक नागरिक विमान पर हुए ड्रोन हमले में संलिप्तता का संकेत मिला है.
गिरफ्तार नागरिक: एनआईए ने इस मामले में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक अमेरिकी नागरिक (मैथ्यू वैनडाइक) और छह यूक्रेनी नागरिक— कामिस्की विक्टर, हुर्बा पेट्रो, स्लिविएक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानकीव मारियान और होंचारुक मैक्सिम शामिल हैं.
ड्रोन और ट्रेनिंग रैकेट: एनआईए का आरोप है कि ये सभी आरोपी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और वहां से मिजोरम के रास्ते गैरकानूनी तरीके से म्यांमार पहुंचे थे. इन पर म्यांमार के एथेनिक (जातीय) सशस्त्र समूहों के संपर्क में रहकर वहां के आतंकी गुटों को हथियार और ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग देने का गंभीर आरोप है. ये लोग यूरोप से बड़े पैमाने पर ड्रोन मंगा रहे थे, जो भारत से जुड़े उग्रवादी समूहों तक भी पहुंच सकते थे. सूत्रों के अनुसार, इस मामले में 8 अन्य यूक्रेनी नागरिकों की तलाश भी जारी है.
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दूसरी ओर, वैनडाइक के परिवार ने उनकी बिगड़ती सेहत (पैरों में चोट, आंखों की रोशनी कमजोर होने और दवाइयों की समस्या) को लेकर गहरी चिंता जताई है. परिवार का दावा है कि तिहाड़ जेल में उन्हें सीमित संपर्क की अनुमति है और उनकी 80 वर्ष से अधिक उम्र की मां को केवल कुछ मिनट की आपातकालीन फोन कॉल की ही अनुमति दी गई है.
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