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दिल्ली दंगा मामला: शरजील इमाम को कड़कड़डूमा कोर्ट से मिली राहत, चचेरे भाई की शादी के लिए मिली अंतरिम जमानत

दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 दंगा मामले के आरोपी शरजील इमाम को चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 4 से 10 अक्टूबर तक की अंतरिम जमानत दी है. वहीं, नियमित जमानत के लिए दायर याचिका पर दिल्ली HC में सुनवाई जारी है.

Court Grants Interim Bail to Sharjeel Imam in 2020 Delhi Riots Case
Edited by Vaibhav Gupta

2020 के दिल्ली दंगा मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल शरजील इमाम को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने शरजील इमाम को उनके चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक के लिए अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है. हालांकि, नियमित जमानत के लिए इमाम ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां उनकी याचिका पर सुनवाई जारी है.

दिल्ली पुलिस और बचाव पक्ष की तीखी बहस

इससे पहले 4 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील इमाम की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसका दिल्ली पुलिस ने पुरजोर विरोध किया था.

सुनवाई के दौरान इमाम के वकील तालिब मुस्तफा ने दलील दी थी कि आरोपी पिछले 6 सालों से जेल में बंद है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद पिछले 6 महीनों से ट्रायल में कोई खास प्रगति नहीं हुई है.

वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि ट्रायल रुका नहीं है और पुलिस जल्द अपना जवाब दाखिल करेगी.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मांगी थी जमानत

शरजील इमाम और उमर खालिद ने ‘सैयद इफ्तिखार अंद्राबी बनाम एनआईए’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई जमानत याचिकाएं दायर की थीं. उनका तर्क था कि केस में हुई व्याख्या के आधार पर उन्हें राहत मिलनी चाहिए.

हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना था कि जब तक सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच से कोई नया स्पष्टीकरण नहीं आता, तब तक पुराने निर्देश ही लागू रहेंगे और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का ही रुख करना उचित होगा.

दंगों की साजिश का आरोप

गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम, उमर खालिद, ताहिर हुसैन, गुलफिशा फातिमा और सलीम मलिक समेत कई आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं के तहत दंगों की साजिश रचने का आरोप लगाया है.

सुप्रीम कोर्ट इससे पहले गुलफिशा फातिमा सहित पांच आरोपियों को जमानत दे चुका है, जबकि ताहिर हुसैन और सलीम मलिक की अर्जी कड़कड़डूमा कोर्ट से खारिज हो चुकी है.

यह भी पढ़ें: लखीमपुर खीरी मामले में ट्रायल कोर्ट के जज पर उठे गंभीर सवाल, SC ने इलाहाबाद HC के चीफ जस्टिस से मांगी रिपोर्ट

-भारत एक्सप्रेस



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