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PAK के दोस्त तुर्किए ने उगला जहर, भूटान ने जीता दिल; UN में भारत पर क्या बोले ये 5 देश?

UNGA 81 में तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कश्मीर पर बातचीत की वकालत की, जबकि भारत के करीबी साझेदारों ने अलग-अलग मुद्दों पर सहयोग जताया.

UNGA 81 India

अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के पहले ही दिन वैश्विक कूटनीति के कई रंग देखने को मिले. एक तरफ जहां पाकिस्तान के करीबी हमदर्द और तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने अपनी पुरानी आदत के मुताबिक भारत के आंतरिक मामले यानी कश्मीर का राग अलापा, वहीं दुनिया के अन्य प्रमुख राष्ट्रों ने वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव, आर्थिक ताकत और शांतिपूर्ण नेतृत्व की खुले दिल से तारीफ की.

अपनी आदतों से बाज नहीं आए एर्दोगन(Turkey Raise Kashmir Issue in UN)

हर बार भारत से खरी-खोटी सुनने और कड़े राजनयिक नतीजों का सामना करने के बावजूद तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने UNGA के मंच से एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा—”दक्षिण एशिया में यह बेहद जरूरी है कि कश्मीर मुद्दे के साथ-साथ बाकी सभी विवादों को यूएन चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के तहत बातचीत के जरिए सुलझाया जाए.

एर्दोगन ने हालांकि इस बार भारत का सीधा नाम नहीं लिया, लेकिन पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के खिलाफ बयानबाजी करने की अपनी गंदी चाल को बरकरार रखा.

‘आंतरिक मामलों में टांग न अड़ाए तुर्किए’

तुर्किए के इस रुख पर भारत हमेशा से सख्त रहा है. नई दिल्ली ने बार-बार स्पष्ट किया है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है. भारत ने एर्दोगन को स्पष्ट नसीहत दी है कि तुर्किए को दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए और भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से बाज आना चाहिए. पूर्व में एर्दोगन की ऐसी ही भारत-विरोधी बयानबाजी के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना तुर्किए दौरा रद्द कर दिया था और भारत ने अंकारा के साथ अपने रक्षा सहयोग को भी काफी सीमित कर दिया है.

भूटान के पीएम ने जीता दिल

एर्दोगन के नापाक पैंतरों के बीच भारत के पड़ोसी देश भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे (Tshering Tobgay) ने UNGA के मंच से भारत और पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. भूटान के पीएम ने भारत को अपना सबसे ‘भरोसेमंद दोस्त’ करार दिया. उन्होंने विशेष रूप से भूटान की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी’ (GMC) का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट को भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम सरकार का पूरा और अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है.

भारत पर क्या बोले ये राष्ट्राध्यक्ष?

UNGA के पहले ही दिन वैश्विक पटल पर भारत के अलग-अलग संदर्भ देखने को मिले:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप: ट्रंप ने अपने संबोधन में दावा किया कि उन्होंने टैरिफ और कूटनीति के दम पर 8 युद्ध रुकवाए हैं, जिसमें भारत-पाकिस्तान के बीच का युद्धविराम (Ceasefire) भी शामिल है.

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों: मैक्रों ने G7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के साथ फ्रांस के रणनीतिक संबंधों और मजबूत जुड़ाव का विशेष उल्लेख किया.

फिनलैंड के राष्ट्रपति: फिनलैंड के राष्ट्रपति ने अपनी हालिया भारत यात्रा को याद किया और अपने भाषण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों और सिद्धांतों को उद्धृत किया.

अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान-तुर्किए गठजोड़

एर्दोगन की तमाम कोशिशों (Turkey Raise Kashmir Issue in UN) के बावजूद संयुक्त राष्ट्र में भारत का रुख बेहद मजबूत रहा. जहां तुर्किए और पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल केवल कश्मीर पर बेबुनियाद राग अलापने के लिए करते हैं, वहीं दुनिया के बाकी प्रमुख देश भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति, शांतिदूत और प्रमुख आर्थिक भागीदार के रूप में देखते हैं.

भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि कश्मीर पर किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता या अनर्गल बयानबाजी को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



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