Turkey Earthquake Today: भारत के खिलाफ सुर में सुर मिलाने वाले और पाकिस्तान का ‘परम मित्र’ बनने वाले तुर्किए में गुरुवार को कुदरत का बड़ा कहर देखने को मिला. पूर्वी तुर्किए का इलाका उस वक्त दहल उठा, जब अचानक 5.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के झटकों से पूरी धरती कांप गई.
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक भूकंप का केंद्र जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई में था. तुर्किए में आई इस अचानक तबाही और खौफ की खबर सुनते ही उसके जिगरी दोस्त पाकिस्तान में भी हड़कंप मच गया और इस्लामाबाद तक के हुक्मरानों के पसीने छूट गए.
10 किमी गहराई में था केंद्र(Turkey Earthquake Today)
भूकंप विज्ञानियों (EMSC) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर (लगभग 6.2 मील) की उथली गहराई पर स्थित था. वैज्ञानिकों का मानना है कि जब भूकंप का केंद्र इतना उथला होता है, तो जमीन की ऊपरी सतह पर उसका असर और तबाही का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. झटके इतने तेज और खौफनाक थे कि तुर्किए के कई शहरों में बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह हिलने लगीं और लोग जान बचाने के लिए बदहवास होकर सड़कों की तरफ भागे.
पाकिस्तान के दोस्त पर आई आफत
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का आंख मूंदकर साथ देने वाले और कश्मीर जैसे मुद्दों पर फर्जी हमदर्दी जताने वाले तुर्किए पर जब कुदरत का यह डंडा चला, तो पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में भी अफरा-तफरी मच गई. खैबर से लेकर इस्लामाबाद तक टीटीपी और तालिबान के हाथों रोजाना मार खा रही पाक सरकार अपने ‘आका’ और ‘मददगार’ देश पर आए इस संकट को देखकर सन्न रह गई.
एनाटोलियन फॉल्ट पर बसा है तुर्किए
भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो पूर्वी तुर्किए दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप-संवेदनशील और खतरनाक इलाकों में गिना जाता है. यह इलाका कुख्यात ‘ईस्ट एनाटोलियन फॉल्ट’ पर स्थित है, जहां एनाटोलियन, अरेबियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं. इन प्लेटों के बीच लगातार होने वाली हलचल के कारण पूरा तुर्किए हमेशा बारूद के ढेर की तरह भूकंप के मुहाने पर बैठा रहता है.
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फरवरी 2023 के जख्म फिर हुए हरे
गुरुवार को आए इस 5.5 तीव्रता के झटके (Turkey Earthquake Today) ने तुर्किए की जनता को फरवरी 2023 के उस भयावह मंजर की याद दिला दी, जिसने पूरे देश को श्मशान में बदल दिया था. कहरामनमारस प्रांत में आए उस प्रलयंकारी भूकंप में अकेले तुर्किए में 53,000 से ज्यादा बेकसूर लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी. यही वजह है कि जरा सा भी झटका आते ही वहां के नागरिकों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच जाती है.
-भारत एक्सप्रेस
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