पोद्दार दंपति
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के एक महीने बाद भी पश्चिम बंगाल के बशीरहाट से गए सेवानिवृत्त शिक्षक दंपति अनुकूल पोद्दार और रेवा पोद्दार का कोई अता-पता नहीं चल सका है.
दिन बीतने के साथ ही उनके परिजनों, पड़ोसियों और साथियों की उम्मीदें अब गहरी चिंता में बदल रही हैं. इस अनहोनी की आशंका के बीच पीड़ित परिवार ने राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की और मदद की गुहार लगाई है.
चीन की सूची में भी नाम नहीं
मानसरोवर यात्रा पर निकले इस दंपति का सुराग जुटाने के लिए नबान्न में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान परिवार को एक बड़ा झटका लगा. दरअसल, चीन सीमा पर फंसे भारतीय नागरिकों की जो आधिकारिक सूची जारी की गई थी, उसमें अनुकूल और रेवा पोद्दार का नाम शामिल नहीं है.
ऐसे में उनकी तलाश और शिनाख्त की जटिल प्रक्रिया के तहत लापता शिक्षक के बेटे ने अपना डीएनए (DNA) सैंपल जमा करा दिया है. राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि अगले चार हफ्तों में एक वर्चुअल बैठक के जरिए परिवार को इस केस से जुड़ी नई जानकारियां दी जाएंगी.
सहयात्री लौटे, लेकिन दंपति का सुराग नहीं
मामले के मुताबिक, बशीरहाट नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 के निवासी और पूर्व शिक्षक स्वपन मंडल अपनी पत्नी मौ मंडल के साथ 21 अगस्त को मानसरोवर यात्रा के लिए निकले थे. उनके साथ अनुकूल पोद्दार और रेवा पोद्दार भी बतौर सहयात्री रवाना हुए थे. यात्रा के दौरान नेपाल में कुदरत का कहर टूटा. बाद में स्वपन और मौ मंडल तो सुरक्षित अपने घर लौट आए, लेकिन अनुकूल और रेवा का संपर्क हमेशा के लिए कट गया.
सरकार ने दिया मदद का भरोसा
अब परिवार और बशीरहाट के स्थानीय निवासी बेहद भावुक और चिंतित हैं. पीड़ित परिजनों की मांग है कि राज्य और केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय बनाकर जल्द से जल्द कोई ठोस खबर दे. वहीं, सरकार ने परिवार को इस कठिन समय में हरसंभव प्रशासनिक और कूटनीतिक सहायता का भरोसा दिलाया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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