दिल्ली हाई कोर्ट पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर दायर फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, फिल्म अभिनेत्री जाह्नवी कपूर और आराध्या बच्चन की ओर से दायर याचिका पर एक साथ सुनवाई करेगा. कोर्ट 30 सितंबर को सुनवाई करेगा. विवेक ओबेरॉय ने याचिका दायर कर दायर सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश देने की मांग की गई है, कि उनके बिना अनुमति के बिना उनकी छवि का इस्तेमाल या मर्चेडाइज बेचने पर रोक लगाया जाए.
एआई, डीपफेक, मॉर्फिग या डिजिटल एडिटिंग जैसी किसी भी तकनीक से अनधिकृत इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की मांग की गई हैं. वही फिल्म अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक साथ सभी 6884 कथित आपत्तिजनक यूआरएलएस को हटाने का आदेश देने से इनकार कर दिया था.
हालांकि कोर्ट ने 552 ऐसे यूआरएलएस को तुरंत हटाने के निर्देश दिया था, जिनमें जाह्नवी कपूर से प्रथम दृष्टया बेहद अश्लील और पोर्नग्राफिक कंटेंट पाया गया. जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद यह फैसला दिया था. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि याचिका में हजारों यूआरएलएस शामिल है ओर इनमें अलग-अलग तरह का कंटेंट है, इसलिए सभी 6,884 यूआरएलएस को एक साथ हटाने या उन पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया जा सकता.
अदालत ने जाह्नवी कपूर की ओर से पेश वकील को इन यूआरएलएस सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल सामग्री को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने को कहा था. इनमें पहली श्रेणी ऐसे कंटेंट की होगी जो पोर्नग्राफिक या यौन रूप से अश्लील हो. जबकि दूसरी श्रेणी में वह सामग्री रखी जाएगी, जो सीधे तौर पर जाह्नवी कपूर के पर्सनैलिटी राइट्स या छवि का इस्तेमाल कर कमाई कर रहे है.
आराध्या बच्चन की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट का नोटिस
तीसरी श्रेणी में ऐसे मामले को शामिल किया गया है, जहां उनके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर किसी सामान या सेवा का प्रचार किया जा रहा है. इससे पहले अमिताभ बच्चन की पोती और अभिषेक व ऐश्वर्या राय की बेटी आराध्या बच्चन ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. आराध्या ने नई अर्जी पर दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल, बॉलीवुड टाइम और अन्य वेबसाइटों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इससे पहले आराध्या की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 अप्रैल 2023 को निर्देश जारी कर कंटेंट हटाने को कहा था. लेकिन कोर्ट के आदेश का पूरी तरह से पालन नही करने पर आराध्या ने दोबारा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
20 अप्रैल 2023 को दिए निर्देश में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि यूट्यूब की जिम्मेदारी बनती है कि वो इस तरह की फर्जी खबरों को तुरंत हटाए और इस पर रोक पर रोक लगाए. कोर्ट ने गूगल और यूट्यूब चैनलों से लिखित जवाब मांगा था. कोर्ट ने गूगल से कहा था कि आईटी नियम 2021 के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए. अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की बेटी आराध्या बच्चन की स्वास्थ्य की स्थिति से जुड़ी यूट्यूब प्लेटफार्म पर सभी वीडियो को हटाने का निर्देश दिया था.
कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में गूगल से वीडियो को अपलोड करने वालों का विवरण के बारे में सूचित करने के लिए कहा था. कोर्ट ने यूट्यूब के वकील से कहा था कि आपके पास इन मामलों में कोई नीति क्यों नहीं है. बता दें कि हाई कोर्ट कई बड़ी हस्तियों के फोटो और व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने नहीं करने का आदेश दे चुकी है.
कई सेलिब्रिटीज ने कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया
इससे पहले सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अजय देवगन, करण जौहर, रजनीकांत, गायिका आशा भोसले, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सिंगर कुमार, विराट कोहली सहित कई अन्य अदालत का रुख कर चुके है. हालही में पवन कल्याण ने आरोप लगाया था कि हर कोई हिंदुओं को निशाना बना रहा है और हर मौके पर उनकी परंपराओं पर सवाल उठा रहा है.
ये भी पढ़ें: पैकेज्ड फूड न्यूट्रिशन लेबलिंग: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, FSSAI को फटकार
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

