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कुदरत का भयंकर कहर: पनामा में 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप से हिली धरती; सड़कों पर आई दरारें

मध्य अमेरिका के पनामा में शुक्रवार को 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने अफरा-तहरी मचा दी. लगातार आए आफ्टरशॉक्स और इमारतों को हुए नुकसान के बीच गनीमत रही कि किसी की जान जाने की पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है.

Panama earthquake

पनामा में 7.7 तीव्रता का भयानक भूकंप

Panama earthquake: मध्य अमेरिकी देश पनामा में शक्तिशाली भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया. शुक्रवार को आए भूकंप के बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर पहुंच गए. भूकंप के कारण कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि कई सड़कों पर दरारें आने की खबर सामने आई. लगातार महसूस किए गए झटकों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी.
इस घटना का असर सिर्फ पनामा तक सीमित नहीं रहा. भूकंप के झटके पड़ोसी देश कोलंबिया के कुछ इलाकों में भी महसूस किए गए. हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई. प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखी और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की.

तेज झटकों से दहले कई इलाके

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र पनामा के हेरेरा प्रांत में पिटालोसा अरिबा समुदाय के दक्षिण-पश्चिम में बताया गया. इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी. भूकंप की तीव्रता 7.7 बताए जाने के साथ ही 6.6 तीव्रता के एक अन्य झटके का भी जिक्र किया गया.

राजधानी पनामा सिटी समेत कई जगहों पर लोग घबराकर सड़कों पर निकल आए. कुछ लोगों ने बताया कि झटके इतने तेज थे कि घरों के अंदर रखा सामान नीचे गिरने लगा. अचानक धरती हिलने से लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.

इमारतों को नुकसान, सड़कें भी प्रभावित

भूकंप का असर वेरागुआस, हेरेरा और लॉस सैंटोस प्रांतों में ज्यादा देखने को मिला. पेनोनोमे शहर में मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई. इसके अलावा, एक ऐतिहासिक चर्च का हिस्सा भी ढह गया.

कई प्रमुख सड़कों पर दरारें आने से यातायात प्रभावित हुआ. ऐसे हालात में प्रशासन के सामने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त इमारतों और सड़कों का जायजा लेने की चुनौती भी खड़ी हो गई.

मुख्य भूकंप के बाद भी आते रहे झटके

भूकंप के बाद खतरा पूरी तरह टला हुआ महसूस नहीं हुआ. इलाके में 45 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स यानी मुख्य भूकंप के बाद आने वाले झटके दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई. इनमें कुछ झटकों की तीव्रता 5.8 तक बताई गई.

आफ्टरशॉक्स के कारण लोगों में डर बना रहा. विशेषज्ञों के मुताबिक, बड़े भूकंप के बाद इस तरह के झटके आना असामान्य नहीं है. हालांकि, इनकी वजह से पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों को और नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए प्रभावित इलाकों में लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत होती है.

राष्ट्रपति ने दी जानकारी, एयरपोर्ट का संचालन बहाल

पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलीनो ने शुरुआती जानकारी में किसी की मौत नहीं होने की पुष्टि की. हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सावधानी बरतना जरूरी है.

एहतियात के तौर पर पनामा सिटी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था. बाद में सेवाएं फिर से शुरू कर दी गईं. दूसरी ओर, वैश्विक व्यापार के लिहाज से बेहद अहम पनामा नहर को सुरक्षित बताया गया और वहां सामान्य रूप से कामकाज जारी रहने की जानकारी दी गई.

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सुनामी अलर्ट जारी होने के बाद वापस लिया

भूकंप के बाद संभावित सुनामी को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी. शुरुआती घंटों में पनामा, कोलंबिया, इक्वाडोर और निकारागुआ के तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी की गई. हालांकि, बाद में स्थिति का आकलन करने के बाद यह अलर्ट वापस ले लिया गया. इस बीच, अमेरिका समेत चिली, उरुग्वे और अन्य पड़ोसी देशों की ओर से पनामा को मदद देने की पेशकश किए जाने की जानकारी भी सामने आई.

आखिर पनामा में क्यों आते हैं भूकंप?

पनामा की भौगोलिक स्थिति इसे भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील बनाती है. यह क्षेत्र कई टेक्टोनिक प्लेटों के प्रभाव वाले इलाके के पास स्थित है. कोकोस, नाज़्का और कैरेबियन प्लेटों की हलचल के साथ आसपास की अन्य भूगर्भीय संरचनाएं भी इस क्षेत्र की भूकंपीय गतिविधियों को प्रभावित करती हैं.

जब पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद प्लेटों के बीच तनाव बढ़ता है और अचानक ऊर्जा निकलती है, तो भूकंप आता है. मध्य अमेरिका का बड़ा हिस्सा इसी तरह की भूगर्भीय गतिविधियों से प्रभावित होता है. प्रशांत महासागर के आसपास फैला ‘रिंग ऑफ फायर’ भी दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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