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‘हालात बेहद गंभीर…’: बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत और आदिवासी बहुल इलाकों में कुपोषण की समस्या को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश और अन्य संबंधित राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

Supreme Court
Edited by Shubhra Rai

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत और आदिवासी बहुल इलाकों में कुपोषण की समस्या को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश और अन्य संबंधित राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने मामले को गंभीर बताया है. यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता अजब लाल लिलहारे की ओर से दाखिल की गई है.

दायर याचिका में कुपोषण से होने वाली मौतों का मुद्दा उठाया गया

दायर याचिका में मध्य प्रदेश के बालाघाट के साथ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के आदिवासी इलाकों में कुपोषण से होने वाली मौतों का मुद्दा उठाया गया है. याचिकाकर्ता ने अदालत से हस्तक्षेप की मांग करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग की है. यह मामला खास तौर पर बालाघाट जिले के बिरसा और बैहर ब्लॉक में आदिवासी बच्चों की मौतों से जुड़ा है. दायर याचिका में दावा किया गया है कि इन क्षेत्रों में कुपोषण व्यापक स्तर पर फैला हुआ है और हालात इतने गंभीर हैं कि बच्चों की जान जा रही है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि समस्या की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुचने के बावजूद प्रभावित इलाकों में जरूरी कदम नहीं उठाये गए.

40 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरुण ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि बुरी तरह प्रभावित ब्लॉकों में बच्चों की मौतों का सिलसिला जारी है. उन्होंने आदिवासी समुदायों में कुपोषण की गंभीर स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए. याचिका में आरोप लगाया गया है कि खसरा रूबेला संक्रमण और गंभीर कुपोषण के खतरनाक मेल ने विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समुदायों के बच्चों की जान ली. याचिकाकर्ता के मुताबिक इस संकट में अब तक 40 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है.

याचिका में प्रतिदिन 10 लीटर पानी पीने योग्य देने की मांग

याचिकाकर्ता का कहना है कि जब बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी इतनी गंभीर स्थिति सामने थी, तब प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए था. दायर याचिका में प्रभावित परिवारों को पर्याप्त पोषण, स्वस्छ पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया गया है. याचिका में बालाघाट जिले के बिरसा और बैहर ब्लॉक को महामारी प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई है. याचिका में यह भी मांग की गई है कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 10 लीटर पानी पीने योग्य देने की मांग की गई है.

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-भारत एक्सप्रेस



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