महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक खास मुलाकात की. यह शिष्टाचार भेंट प्रदेश में उच्च शिक्षा के विकास, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से बेहद महत्वपूर्ण रही.
इस अवसर पर कुलपति प्रो. राय ने मुख्यमंत्री को प्रभु श्रीराम की एक सुंदर प्रतिमा भेंट करने के साथ-साथ उनके द्वारा लिखी गई कुछ विशेष पुस्तकें भी सौंपी, जिनका मुख्यमंत्री ने गहराई से अवलोकन किया.
शिक्षा को रोजगारपरक और संस्कारवान बनाने पर जोर
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के क्षेत्र में कुलपति के अकादमिक लेखन और वैचारिक प्रतिबद्धता की जमकर सराहना की. चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता को कैसे और बेहतर बनाया जाए, जिससे छात्रों में शोध और नवाचार (Research & Innovation) की प्रवृत्ति तेजी से बढ़े.
कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा का मकसद सिर्फ युवाओं को डिग्रियां बांटना नहीं है, बल्कि उनमें सही ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है. उन्होंने कहा कि रोहिलखंड यूनिवर्सिटी राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप शिक्षा और कौशल विकास के नए आयाम गढ़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. विश्वविद्यालय का प्रयास है कि छात्र वैश्विक स्तर की चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और जीवन-मूल्यों से भी जुड़े रहें.
इस उच्चस्तरीय बैठक से साफ है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के स्तर को और अधिक प्रभावी, रोजगारोन्मुख और भारतीय संस्कृति के अनुकूल बनाने के लिए तेजी से काम किया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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