जापान में हुए एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाया है. भारत को मेडल टैली में चौथे स्थान तक पहुंचाने में आर्चरी (तीरंदाजी) टीम का बहुत बड़ा योगदान रहा, जहां हमारे खिलाड़ियों ने 5 गोल्ड समेत कुल 9 पदक जीतकर इतिहास रच दिया. लेकिन इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे छिपी एक कड़वी सच्चाई अब सामने आई है. जिस मुख्य कोच के मार्गदर्शन में भारतीय तीरंदाजों ने यह करिश्मा किया, उन्हें महीनों से सैलरी तक नहीं मिली है.
हालत इतनी बदतर हो गई कि वेतन न मिलने से खफा होकर कोच को नौकरी छोड़ने की धमकी देनी पड़ी, जिसके बाद खेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के होश उड़े हैं.
महीनों से चक्कर काट रहे कोच डेव कजिन्स
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय कंपाउंड आर्चरी टीम के मुख्य कोच डेव कजिन्स (Dave Cousins) जब से भारतीय टीम के साथ जुड़े हैं, तब से उन्हें एक भी महीने की सैलरी का भुगतान नहीं किया गया है. अमेरिका के रहने वाले और अपने दौर के नंबर-1 आर्चर रह चुके 49 वर्षीय डेव कजिन्स को इसी साल मई में भारतीय कंपाउंड टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था.
काम संभालने के बाद तीन महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन उनके खाते में वेतन का एक भी पैसा नहीं आया. जब बार-बार गुहार लगाने के बाद भी बात नहीं बनी, तो उन्होंने आखिरकार इस्तीफा देने की चेतावनी दे दी. इसके बाद स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और भारतीय तीरंदाजी संघ (AAI) हरकत में आए और मामले को सुलझाने का भरोसा दिया. अधिकारियों का कहना है कि बैंक से जुड़ी कुछ तकनीकी समस्याओं की वजह से वेतन मिलने में यह देरी हुई है.
खिलाड़ियों ने रचा इतिहास
एक तरफ जहां कोच पैसों के लिए जूझते रहे, वहीं दूसरी तरफ उनके मार्गदर्शन में भारतीय तीरंदाजों ने एशियन गेम्स में बेहतरीन खेल दिखाया. भारत ने कंपाउंड आर्चरी में कुल 3 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. मेंस, विमेंस और मिक्स्ड- तीनों ही कैटेगरी में भारत ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया.
फाइनल मुकाबलों में भारतीय तीरंदाजों ने चीन और दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीमों को धूल चटाई थी. बहरहाल, देश का नाम रोशन करने वाले कोच के साथ हुई इस लापरवाही ने खेल प्रबंधन व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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