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23 घंटे हिरासत के बाद CJP के तीनों नेता रिहा, कोर्ट ने किन शर्तों पर दी राहत?

CJP protest Delhi: दिल्ली में CJP प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका करीब 23 घंटे बाद रिहा हुए. जानें कोर्ट ने किन शर्तों पर तीनों नेताओं को दी बेल.

CJP protest Leaders released

कोर्ट ने किन शर्तों पर दी राहत

Edited by Sahil Singh

CJP Leaders released: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी के तीन नेताओं को करीब 23 घंटे बाद रिहा कर दिया गया है. रिहा होने वालों में अभिजीत दिपके, सौरभ दास और अशोक रांका शामिल हैं. तीनों को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था. पुलिस ने इन्हें 10 अक्टूबर को दिल्ली में CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के सिलसिले में हिरासत में लिया था.

पार्टी के मुताबिक, तीनों नेता प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें IGI एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया. इस कार्रवाई के बाद पार्टी ने पुलिस के तरीके पर सवाल उठाए और नेताओं को मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने की निंदा की.

किन शर्तों पर रिहा हुए CJP के तीनों नेता?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद रविवार सुबह 10 बजे रिहा कर दिया गया. तीनों को दिल्ली कैंट स्थित एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था. कोर्ट ने उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया. दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों नेताओं ने 50 हजार रुपये का बेल बॉन्ड भी दिया है.

विमान में ही हिरासत में लेने पहुंची पुलिस

CJP की ओर से जारी बयान में बताया गया कि जब दिल्ली पुलिस अभिजीत दिपके को विमान के भीतर हिरासत में लेने पहुंची, तो उन्होंने कहा कि वह यहां गिरफ्तार होने के लिए आए हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. हालांकि, पुलिसकर्मियों ने जवाब दिया कि यह गिरफ्तारी नहीं है और उनसे सहयोग करने को कहा.

इस घटना को लेकर पार्टी ने नाराजगी जताई. CJP ने अपने बयान में कहा कि अभिजीत दिपके, सौरभ दास और अशोक रांका को दिल्ली में विमान से उतरते ही हिरासत में लेना गलत है. पार्टी ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई.

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था. इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. प्रदर्शन के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.

दिल्ली में सुरक्षा सख्त, कई रास्तों पर डायवर्जन

CJP के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर है पुलिस की ओर से करीब 38 हजार जवानों की तैनाती किए जाने की जानकारी दी गई है. इसके अलावा कई इलाकों में चेकिंग बढ़ा दी गई है और दिल्ली की सीमाओं पर भी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.


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प्रदर्शन के चलते यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है. कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किए गए हैं, जिससे लोगों को आवाजाही के दौरान परेशानी हो सकती है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है.

वहीं, प्रदर्शन से जुड़ी व्यवस्थाओं के तहत 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने, 250 से अधिक ट्रेनों को रद्द किए जाने और चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने के दावे भी किए गए हैं. इन व्यवस्थाओं को लेकर यात्रियों और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है. फिलहाल, CJP के प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है. पुलिस की निगरानी के बीच प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर सबकी नजर है.

-भारत एक्सप्रेस



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