उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी से पहले ही पार्टी के भीतर की खींचतान खुलकर सामने आ गई. रविवार को लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के मुख्यालय में ऐसा हंगामा हुआ कि पार्टी कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया. निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला नेता व पार्षद ममता चौधरी के समर्थकों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गया. इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से जमकर नारेबाजी हुई और जूते-चप्पल तक उछाले गए.
घटना का एक नया वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में है. जिस कार्यक्रम में नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ को जिम्मेदारी संभालनी थी, उसी से पहले पार्टी के नेताओं और उनके समर्थकों के बीच इस तरह का टकराव कांग्रेस के लिए असहज स्थिति बन गया.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
वीडियो के मुताबिक, विवाद उस समय शुरू हुआ जब अजय राय अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस कार्यालय पहुंचे. इसी दौरान ममता चौधरी की ओर से कथित तौर पर यह कहते सुना गया कि उन्हें अजय राय को देखने का कोई शौक नहीं है. इसके जवाब में अजय राय की आवाज सुनाई देती है, जिसमें वह कहते हैं, ‘औकात में बात करो.’
बताया जा रहा है कि इसी बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई. कुछ ही देर में मामला इतना बिगड़ गया कि समर्थक आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति बन गई. मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई.
ममता चौधरी ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद ममता चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए अजय राय और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए. वह इस दौरान भावुक नजर आईं. उनका कहना था कि उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें अपमानित किया गया.
ममता चौधरी ने खुद को दलित महिला बताते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ जातिगत भेदभाव किया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार क्या कांग्रेस की संस्कृति का हिस्सा है? उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें गालियां दी गईं और मारने के लिए उकसाने वाली बातें कही गईं.
ममता चौधरी ने अपने बयान में अजय राय के पुराने व्यवहार का जिक्र करते हुए इमरान मसूद के साथ हुए एक कथित घटनाक्रम की भी बात कही. हालांकि, उनके इन आरोपों पर पार्टी नेतृत्व की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
अजय राय ने भी की शिकायत
दूसरी ओर, अजय राय ने भी इस विवाद को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. उन्होंने राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के सामने अपनी बात रखी.
अजय राय ने पार्टी आलाकमान से मांग की कि अनुशासनहीनता करने और संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि पार्टी के भीतर इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.
फिलहाल, पार्टी नेतृत्व की ओर से मामले की जांच कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और संबंधित नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं.
2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए चुनौती
इस पूरे घटनाक्रम का समय भी काफी अहम है. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है और 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को महज दो सीटों पर जीत मिली थी. ऐसे में आगामी चुनाव से पहले संगठन में नई ऊर्जा भरना और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना उसके लिए बड़ी चुनौती है.
हाल ही में पार्टी ने नेतृत्व में बदलाव करते हुए अजय राय की जगह आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है. मोना ब्राह्मण समुदाय से आती हैं, जबकि अजय राय भूमिहार समुदाय से हैं. इस बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं हैं. कुछ राजनीतिक जानकार इसे 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन की रणनीति से भी जोड़कर देख रहे हैं.
हालांकि, इस बदलाव के पीछे पार्टी की आधिकारिक रणनीति को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी. इतना जरूर है कि नए अध्यक्ष के कार्यभार संभालने से पहले ही सामने आई गुटबाजी ने संगठन के सामने एक मुश्किल सवाल खड़ा कर दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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