मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज का तात लगा हुआ है. इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके से जुड़ा एक मामला सामने आया है. इंटरनेट पर एक दस्तावेज (बॉन्ड) की तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. इससे दावा किया जा रहा है कि अभिजीत दीपके ने नई दिल्ली जिले के कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने एक साल तक ‘शांति बनाए रखने’ और प्रदर्शन न करने का बॉन्ड साइन किया है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, यह विवाद तब बढ़ा जब अभिजीत दीपके ने खुद ट्वीट कर स्पष्ट किया था कि उन्होंने ऐसा कोई बॉन्ड साइन नहीं किया है जिसमें विरोध प्रदर्शन न करने का वादा किया गया हो. इसके जवाब में कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तथाकथित ‘शांति बॉन्ड’ की तस्वीर शेयर करनी शुरू कर दी, जिससे आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई.
जांच में सच आया सामने
जब इस वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए रिवर्स इमेज और कीवर्ड सर्च किया गया, तो किसी भी विश्वसनीय मीडिया संस्थान में इससे जुड़ी कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली. तस्वीर का बारीक विश्लेषण करने पर इसमें एक बड़ी गड़बड़ी पकड़ में आई. दस्तावेज पर लगे कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आधिकारिक सील (मुहर) पर ‘सत्यमेव जयते’ की जगह गलत स्पेलिंग ‘Saspameva Jayate’ लिखा हुआ था, जो आमतौर पर एआई इमेज जनरेटर टूल्स की गलती होती है.

तकनीकी पुष्टि के लिए जब इस वायरल फोटो को AI डिटेक्टर टूल ‘Sightengine’ पर जांचा गया, तो उसने इसके एआई-जनरेटेड होने की प्रबल संभावना जताई. इसके बाद ‘SynthID Detector’ से जांच करने पर पता चला कि इस कंटेंट को OpenAI टूल्स का इस्तेमाल करके तैयार या एडिट किया गया है, क्योंकि इसमें सिंथआईडी वॉटरमार्क पाया गया.
इस जांच से यह साफ है कि वायरल हो रहा दावा और तस्वीर पूर तरह से एआई द्वारा बनाया गया है, जिसे भ्रामक रूप से फैलाया जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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