मां काली के वीडियो को लेकर इन्फ्लुएंसर के खिलाफ छिड़ा विवाद
Neetu Bisht Controversy: सोशल मीडिया पर अपनी रील्स और वीडियो के जरिए तहलका मचाने वाली मशहूर इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट इन दिनों एक बड़े विवाद में घिर गई हैं. उनके इंस्टाग्राम पर 5 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, लेकिन हाल ही में उनके द्वारा बनाए गए एक वीडियो ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में भूचाल ला दिया है. वीडियो में उनके द्वारा मां काली के स्वरूप को कथित तौर पर अमर्यादित तरीके से पेश किए जाने पर करणी सेना और कई अन्य हिंदू संगठनों ने उनके खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है.
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला नीतू बिष्ट के एक सोशल मीडिया वीडियो से जुड़ा है. संगठनों का आरोप है कि नीतू ने वीडियो में मां काली का रूप धारण किया था, जो कि धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा के बिल्कुल खिलाफ है. आरोप यह भी है कि इस स्वरूप में वह सार्वजनिक सड़कों पर घूमती हुई नजर आईं, जिससे स्थानीय लोगों और विशेषकर बच्चों के मन में डर का माहौल बन गया.
विरोध करने वाले संगठनों का साफ कहना है कि सोशल मीडिया पर व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने की अंधी दौड़ में लोग अपनी धार्मिक आस्थाओं और प्रतीकों की गरिमा को भूलते जा रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
हल्द्वानी कोतवाली में प्रदर्शन और FIR की मांग
इस पूरे मामले को लेकर करणी सेना की महिला जिला अध्यक्ष योगिता बनोला के नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ता हल्द्वानी कोतवाली जा पहुंचे. वहाँ उन्होंने पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी और नीतू बिष्ट के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने की मांग की.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पुलिस को ऐसे मामलों में बिना किसी देरी के निष्पक्ष जांच करनी चाहिए. इसके अलावा, करणी सेना ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट (IT Act) की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग उठाई है. संगठन के पदाधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि पुलिस ने इस मामले में जल्द से जल्द ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे सड़क पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे.
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संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया
इस विरोध प्रदर्शन में गौ सेवक और करणी सेना के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र राणा और जिला अध्यक्ष दीपांशु ने भी कड़ा रुख अपनाया है. उनका कहना है कि देवी-देवताओं और धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करते समय संवेदनशीलता और गरिमा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए. यदि कोई पब्लिसिटी पाने के लिए धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करता है तो कानून को अपना काम करना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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