उत्तर प्रदेश में बिजली के भारी-भरकम बिलों से आम जनता को राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन अब धरातल पर एक बड़ी क्रांति बनकर उभर रहा है. सीएम योगी के कड़े प्रशासनिक निर्देशों और ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के शानदार क्रियान्वयन की बदौलत आज यूपी ने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में देश में एक नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है. राज्यभर में अब तक 9 लाख से अधिक घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जिसके साथ ही प्रदेश में 3,000 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ चुकी है.
ग्लोबल लेवल पर छा रहा UP
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक क्षमता और दूरदर्शिता का ही नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश ऊर्जा के मामले में वैश्विक स्तर पर बराबरी कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, जर्मनी, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों में रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने की जो रफ्तार है, उत्तर प्रदेश लगभग उसी गति से आगे बढ़ रहा है. राज्य में हर दिन औसतन 9 से 10 मेगावाट सोलर क्षमता जोड़ी जा रही है, जो ऑस्ट्रेलिया के व्यापक रूफटॉप बाजार की दैनिक वृद्धि दर के बिल्कुल बराबर है. यह इस बात का प्रमाण है कि सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी किस तेजी से हरित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है.
1.08 लाख तक की सब्सिडी
प्रदेश के नागरिकों को इस योजना का पूरा लाभ मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 1.08 लाख रुपये तक की भारी सब्सिडी मुहैया करा रही है. इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक उपभोक्ता 31 मार्च 2027 तक आवेदन कर सकते हैं.
इस दिशा में यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह ने जानकारी दी कि सीएम योगी की नीतियों के तहत राज्य में 9,500 से अधिक वेंडर्स का मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है. इसके जरिए सोलर प्लांट की स्थापना, उपकरणों की आपूर्ति और रखरखाव से जुड़े कार्यों में राज्य के 1 लाख से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं.
हर साल करोड़ों की बचत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस महत्वाकांक्षी पहल से न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि वित्तीय मोर्चे पर भी बड़ा फायदा हो रहा है. स्थापित 3,000 मेगावाट सोलर क्षमता से प्रतिदिन लगभग 1.35 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है. यदि औसत दर 6.50 रुपये प्रति यूनिट मानी जाए, तो इससे सालाना लगभग 3,202 करोड़ रुपए की बिजली पैदा हो रही है, जिससे सीधे तौर पर आम जनता का पैसा बच रहा है. सीएम योगी के इन ठोस प्रयासों से उत्तर प्रदेश न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि देश का सबसे अग्रणी राज्य भी बनता जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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