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जियो के आईपीओ पर मार्केट एक्सपर्ट्स मेहरबान, 15 से 20 प्रतिशत तक मिल सकता है लिस्टिंग गेन

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मार्केट एनालिस्ट्स से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. एमके रिसर्च और स्वास्तिक इन्वेस्टमार्ट ने इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है, और शेयर 15-20% प्रीमियम पर लिस्ट हो सकते हैं.

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Jio Platforms IPO: शेयर बाजार के निवेशकों के लिए इस समय की सबसे बड़ी चर्चा रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के आईपीओ को लेकर है. जब से कंपनी ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड घोषित किया है, तब से देश-विदेश के दिग्गज मार्केट एनालिस्ट्स और ब्रोकरेज फर्मों ने इस पर अपनी पॉजिटिव रिपोर्ट रखनी शुरू कर दी है. ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि जियो के इस मेगा आईपीओ में निवेशकों को जरूर दांव लगाना चाहिए. शुरुआती आकलन के मुताबिक, शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग शानदार प्रीमियम पर हो सकती है और निवेशकों को 15 से 20 प्रतिशत तक का लिस्टिंग गेन मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है.

ब्रोकरेज फर्मों की ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग और वैल्यूएशन

मशहूर ब्रोकरेज फर्म एमके रिसर्च (Emkay Research) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ करने की जोरदार सलाह दी है. उनका कहना है कि जियो का वैल्यूएशन काफी आकर्षक और वाजिब है, खासकर तब जब बाजार में कंपनी का दबदबा, उसकी मजबूत प्राइसिंग पावर और नए क्षेत्रों में विस्तार करने की क्षमता सबसे आगे है. इसके अलावा, स्वास्तिक इन्वेस्टमार्ट ने भी निवेशकों को इस आईपीओ में पैसा लगाने की सिफारिश की है.

विश्लेषकों का आकलन है कि अपर प्राइस बैंड के हिसाब से वित्त वर्ष 2026 की कमाई का तुलनात्मक अध्ययन करें, तो जियो का पी/ई रेश्यो करीब 33.3 गुना बैठता है. वहीं, एयरटेल का यह आंकड़ा लगभग 40.7 गुना है. इस लिहाज से देखा जाए तो जियो का वैल्युएशन भारती एयरटेल के मुकाबले करीब 14 से 18 प्रतिशत तक सस्ता नजर आ रहा है, जो इसे निवेशकों के लिए और भी ज्यादा आकर्षक विकल्प बनाता है.

5G के भारी खर्च से राहत

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जियो के पक्ष में सबसे बड़ी बात यह है कि उसका 5G नेटवर्क खड़ा करने का भारी-भरकम खर्च (Capex) अब लगभग पूरा हो चुका है. एमके रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 में जो पूंजीगत खर्च रेवेन्यू का 48.8 प्रतिशत था, वह घटकर वित्त वर्ष 2026 में सिर्फ 23.3 प्रतिशत पर आ गया है.

खर्चों में इस बड़ी गिरावट की वजह से अकेले वित्त वर्ष 2026 में जियो ने करीब 32,500 करोड़ रुपये का शानदार फ्री कैश फ्लो जनरेट किया है. अब कंपनी के पास पैसों का मजबूत दबाव है और वह अपने मोबाइल बिजनेस के अलावा होम ब्रॉडबैंड, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल टेक एक्सपेंशन जैसे नए सेक्टरों पर खुलकर तेजी से फोकस कर सकती है. जैसे ही जियो का प्राइस बैंड सामने आया, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में भी करीब 3.4 फीसदी का उछाल देखा गया. अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस अलग लिस्टिंग से शेयरधारकों को कितना और फायदा मिल सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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