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लोहावट: बोरवेल से निकाला गया 9 वर्षीय मासूम, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

Jodhpur News: जोधपुर/फलोदी के लोहावट में 39 घंटे चले बेहद कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 9 वर्षीय मासूम भोमाराम को बोरवेल से बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

राजस्थान के फलोदी जिले के लोहावट में 610 फीट गहरे बोरवेल में 9 वर्षीय भोमाराम के गिरने के बाद प्रशासन और राहत टीमों ने उसे बचाने के लिए 39 घंटे तक मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.

Jodhpur News:प्रदीप जोशी: बोरवेल में पत्थर और पानी की बाधाओं के कारण मादाराम सुथार की टीम ने लोहे के सरियों से ‘देसी जुगाड़’ तैयार कर मासूम को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक छा गया.

फलोदी जिले के लोहावट क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत नौसर (पूनिया की ढाणी) से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. गुरुवार दोपहर करीब 12:35 बजे बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय मासूम भोमाराम को आखिरकार लगभग 39 घंटे के लंबे और मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया. बाहर निकालते ही उसे एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. मासूम की मौत की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया और समूचे क्षेत्र में मातम छा गया.

पत्थर, पानी और गहराई बनी बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया. हालांकि, बोरवेल में लगभग 610 फीट की गहराई पर मौजूद एक बड़े पत्थर का अवरोध और बच्चे के ऊपर पानी होना बचाव दल के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुआ. पत्थर और पानी के कारण ना तो बोरवेल के अंदर कैमरा सही तरीके से काम कर पा रहा था और ना ही मासूम को पर्याप्त ऑक्सीजन पहुँचाने के प्रयासों में सफलता मिल पा रही थी.

जब तकनीक थमी, तो ‘देसी जुगाड़’ आया काम

शुरुआती दौर में पारंपरिक और तकनीकी तरीकों से विफलता मिलने के बाद स्थानीय सूझबूझ का सहारा लिया गया. मादाराम सुथार की टीम विशेष ‘देसी उपकरण’ लेकर मौके पर पहुंची. उन्होंने बोरवेल की स्थिति को समझकर लोहे के सरियों की मदद से एक विशेष देसी जुगाड़ तैयार किया. लगातार घंटों की मेहनत और संघर्ष के बाद आखिरकार इसी उपकरण के जरिए मासूम भोमाराम को बोरवेल से बाहर निकालने में सफलता मिल सकी.

नेताओं और प्रशासन ने लिया जायजा, पूरे इलाके में शोक की लहर

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, लोहावट के पूर्व विधायक किसनाराम बिश्नोई और फलोदी विधायक पब्बाराम बिश्नोई ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा प्रशासनिक अधिकारियों को हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए. प्रशासन और बचाव दलों ने मासूम को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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