प्रशांत त्यागी
चुनावों में कथित वोट चोरी, मतदाता सूची में विसंगतियों और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों का आंदोलन एक बार फिर बड़े पैमाने पर तेज होने जा रहा है. सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, INDI Alliance आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक विशाल महारैली आयोजित करने की तैयारी में जुटा है. इस प्रस्तावित रैली का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कर सकते हैं, जिसमें गठबंधन के तमाम घटक दलों के शीर्ष नेताओं के एक मंच पर जुटने की पूरी संभावना है.
चुनाव की पारदर्शिता पर सरकार और आयोग को घेरने की रणनीति
कांग्रेस सहित समूचा विपक्ष हालिया चुनावों के बाद से ही चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर लगातार हमलावर है. विपक्षी दलों का आरोप है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी शुचिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच, समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर और उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल जैसे प्रमुख विपक्षी नेताओं ने भी चुनावी निष्पक्षता के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल दागे हैं. रामलीला मैदान की इस रैली के जरिए विपक्ष इन सवालों को सीधे जनता की अदालत में ले जाने का खाका तैयार कर रहा है.

रामलीला मैदान से तय होगा विपक्षी आंदोलन का भविष्य
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 1 नवंबर की इस प्रस्तावित महारैली की अहमियत महज संख्या बल या भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं रहेगी. अलग-अलग राज्यों में परस्पर राजनीतिक प्राथमिकताओं और स्थानीय अंतर्विरोधों के बीच गठबंधन के सभी सहयोगी दलों को एक ही मंच पर एक सुर में खड़ा रखना INDI Alliance के रणनीतिकारों के लिए एक अहम इम्तिहान होगा. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मंच से राहुल गांधी और घटक दलों के प्रमुख कौन-सा साझा राजनीतिक संदेश देते हैं और आगामी दिनों के लिए आंदोलन की क्या रूपरेखा तय की जाती है.
INDI Alliance: लोकसभा में संख्या बल और दलीय स्थिति
1. लोकसभा में INDI Alliance के पास कुल सांसद
18वीं लोकसभा में INDI Alliance के पास चुनाव परिणामों और बाद के घटनाक्रमों के अनुसार लगभग 200 सांसद हैं (मूल परिणाम में 234 सीटें जीती थीं, बाद में निर्दलीय व अन्य समर्थन के साथ यह संख्या 237 के करीब रही). पश्चिम बंगाल में टीएमसी के विभाजन और हालिया उपचुनावों के बाद लोकसभा में INDI Alliance का संख्या बल घटकर लगभग 200 के करीब आ गया है.
2. सबसे ज्यादा सांसद किस दल के हैं?
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC): गठबंधन में सबसे बड़ा दल कांग्रेस है, जिसने चुनाव में 99 सीटें जीती थीं (बाद में निर्दलीय समर्थन और उपचुनावों के साथ संख्या 100+ पहुंची).
दूसरे नंबर पर: समाजवादी पार्टी (SP) 37 सीटों के साथ गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है.
3. उत्तर प्रदेश में INDI Alliance के पास कुल सीटें
उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीटों में से INDI Alliance ने कुल 43 सीटें जीती हैं:
समाजवादी पार्टी (SP): 37 सीटें
कांग्रेस (INC): 6 सीटें
(कुल: 37 + 6 = 43 सीटें)
INDI Alliance: बदले राजनीतिक समीकरणों के बाद प्रमुख घटक दल और सीटें
| दल (पार्टी) | प्रमुख नेता / राज्य | लोकसभा सीटें |
|---|---|---|
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) | मल्लिकार्जुन खरगे / राहुल गांधी (राष्ट्रीय) | 95-97 (उपचुनावों के बाद) |
| समाजवादी पार्टी (SP) | अखिलेश यादव (उत्तर प्रदेश) | 37 |
| द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) | एम.के. स्टालिन (तमिलनाडु) | 22 |
| तृणमूल कांग्रेस (TMC – अवशेष गुट) | ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल) | 6-8 (विभाजन उपरांत) |
| शिवसेना (UBT) | उद्धव ठाकरे (महाराष्ट्र) | 3 |
| एनसीपी (शरदचंद्र पवार) | शरद पवार (महाराष्ट्र) | 8 |
| राष्ट्रीय जनता दल (RJD) | लालू प्रसाद / तेजस्वी यादव (बिहार) | 4 |
| मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) | वाम मोर्चा (केरल/तमिलनाडु) | 4 |
| आम आदमी पार्टी (AAP) | अरविंद केजरीवाल (पंजाब/दिल्ली) | 3 |
| झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) | हेमंत सोरेन (झारखंड) | 3 |
| अन्य क्षेत्रीय दल (IUML, VCK, CPI, CPI-ML आदि) | विभिन्न राज्य | 12-14 |
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