बढ़ा मौतों का आंकड़ा
रिपोर्ट- मनोज शर्मा/ग्वालियर
Sheetla Mata Temple Accide: शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. मंगलवार सुबह इस हादसे में घायल 78 वर्षीय मोतीराम प्रजापति ने अस्पताल में अंतिम सांस ली. वह कई दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे. उनकी मौत के बाद इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 16 तक पहुंच गई है.
मंदिर के बाहर प्रसाद बेचकर चलाते थे घर
मोतीराम प्रजापति मंदिर परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार के नजदीक प्रसाद की दुकान लगाते थे. इसी काम से वह अपने परिवार का गुजारा करते थे. हादसे वाली रात जब श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी, तभी बेकाबू ट्रक मंदिर की ओर बढ़ा और कई लोगों को अपनी चपेट में लेता हुआ परिसर तक जा पहुंचा. इस दुर्घटना में मोतीराम को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे थे.
खून का थक्का बना मौत की वजह
डॉक्टरों के अनुसार दुर्घटना में लगी गंभीर चोटों के कारण उनकी रक्त वाहिका में थक्का बन गया था. चिकित्सकीय भाषा में इसे सुपरफिशियल फीमोरल थ्रोम्बोसिस कहा जाता है. अस्पताल की मेडिकल टीम लगातार उनकी हालत पर नजर रखे हुए थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. बताया गया कि उन्हें पहले भी हृदय संबंधी समस्या हो चुकी थी और वर्ष 2024 में हार्ट अटैक आने के बाद उनके दिल में स्टेंट लगाया गया था.
57 श्रद्धालु ट्रक की चपेट में आए थे
यह हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे हुआ था. तेज रफ्तार ट्रक श्रद्धालुओं के बीच घुस गया था, जिससे अफरा-तफरी मच गई थी. इस भयावह दुर्घटना में कुल 57 लोग प्रभावित हुए थे. मोतीराम की मौत से पहले 15 लोगों की जान जा चुकी थी, जबकि अब मृतकों का आंकड़ा 16 हो गया है. हादसे में घायल हुए 41 लोगों का उपचार अलग-अलग अस्पतालों में जारी है.
गंभीर घायलों को एयर एम्बुलेंस से भोपाल भेजा गया
घायलों में कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. इसी को देखते हुए संजय शर्मा और 19 वर्षीय कल्पना परिहार को बेहतर इलाज के लिए भोपाल एम्स रेफर किया गया. संजय को देर रात एयर एम्बुलेंस के जरिए भोपाल पहुंचाया गया, जबकि कल्पना को मंगलवार पूर्वाह्न एयरलिफ्ट किया गया. डॉक्टरों की विशेष टीम दोनों मरीजों की निगरानी कर रही है.
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एक झटके में उजड़ गया परिवार
संजय शर्मा अपने परिवार के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद रिश्तेदारों से मिलने पहुंचे थे. इसके बाद पूरा परिवार शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए आया था. उसी दौरान हुए हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी. दुर्घटना में संजय के बड़े भाई महेश और मासूम भतीजे शौर्य की मौत हो गई, जबकि स्वयं संजय गंभीर रूप से घायल हो गए. सरकार भी मामले पर नजर बनाए हुए है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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