अमृतसर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने इस दौरे के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा है. भाजपा नेताओं ने पंजाब में कानून-व्यवस्था, नशे के बढ़ते कारोबार और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुग, पूर्व राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक, इकबाल सिंह लालपुरा और पूर्व मंत्री गुरमीत सिंह सोढ़ी ने अलग-अलग बयानों में राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि पंजाब में अपराध और नशे की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है.
अमित शाह के दौरे से सरकार पर बढ़ा दबाव- तरुण चुग
भाजपा नेता तरुण चुग ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में बेचैनी दिखाई दे रही है. उनके मुताबिक, राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है और सरकार अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने में सफल नहीं हो रही है.
चुग ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त, गैंगस्टर मुक्त और रंगदारी मुक्त बनाना है. उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान नशे की समस्या से नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और सुरक्षित माहौल से होनी चाहिए.
उन्होंने मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा पंजाब को एक बार फिर तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए देखना चाहती है. जेलों में गैंगस्टरों के इंटरव्यू और सुरक्षा व्यवस्था में कथित चूक का मुद्दा उठाते हुए भी उन्होंने राज्य सरकार से जवाब मांगा.
अपराध की घटनाओं पर सरकार को घेरा- श्वेत मलिक
पूर्व राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक ने कहा कि पंजाब में अपराध और गैंगस्टर से जुड़ी घटनाएं लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को संभालने में नाकाम रही है और आम लोगों में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
मलिक ने दावा किया कि जनता के बढ़ते विरोध और अमित शाह के दौरे से बने दबाव के बाद ही सरकार ने हाल के कुछ मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है.
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा जरूरी- इकबाल सिंह लालपुरा
इकबाल सिंह लालपुरा ने पंजाब में नशीले पदार्थों के फैलते जाल और नशे के खिलाफ काम करने वाले युवाओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं की हत्याओं पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर पंजाब के युवाओं और उनके परिवारों पर पड़ता है.
लालपुरा के मुताबिक, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी डर के समाज में जागरूकता फैला सकें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए न्याय की मांग करती रहेगी.
नशा माफिया पर कार्रवाई को लेकर सरकार से सवाल- गुरमीत सिंह सोढ़ी
पूर्व मंत्री गुरमीत सिंह सोढ़ी ने भी आप सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि नशे और अपराध पर रोक लगाने के दावे करने वाली सरकार जमीन पर अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई है.
सोढ़ी ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं और आम नागरिकों को सुरक्षा देना बेहद जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि राज्य के लोग मौजूदा हालात को लेकर चिंतित हैं और सरकार से ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं.
पंजाब में सुरक्षा का भरोसा दिलाने पर भाजपा का जोर
भाजपा नेताओं ने कहा कि अमित शाह का पंजाब दौरा राज्य में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का अवसर है. पार्टी के मुताबिक, गुरदासपुर, बठिंडा, मानसा और लुधियाना समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना जरूरी है.
भाजपा ने नशे के कारोबार, गैंगस्टर गतिविधियों और रंगदारी जैसी समस्याओं से निपटने को अपनी प्राथमिकता बताया है. हालांकि, राज्य सरकार के खिलाफ लगाए गए ये आरोप भाजपा नेताओं के राजनीतिक बयान हैं. पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे पर नियंत्रण को लेकर सरकार के कामकाज का आकलन संबंधित मामलों की जांच, आधिकारिक आंकड़ों और प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर किया जाना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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