दिल्ली के गेस्ट टीचर्स की बल्ले-बल्ले
Delhi Guest Teacher Salary Hike: दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे 20 हजार से अधिक गेस्ट टीचर्स के लिए बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है. शिक्षा निदेशालय ने एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार के पास भेजा है, जिसमें गेस्ट टीचर्स के मानदेय में भारी बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो नवंबर से शिक्षकों को बढ़ी हुई सैलरी मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा. इस फैसले का फायदा पीजीटी, टीजीटी और पीआरटी श्रेणी के सभी गेस्ट टीचर्स को मिलने की उम्मीद है.
दैनिक भुगतान की जगह तय मासिक वेतन
अभी तक दिल्ली के गेस्ट टीचर्स को कार्य दिवसों के आधार पर भुगतान किया जाता है. यानी जितने दिन शिक्षक स्कूल में उपस्थित रहते हैं, उसी हिसाब से उन्हें मानदेय मिलता है. फिलहाल प्रतिदिन करीब एक हजार रुपये भुगतान की व्यवस्था लागू है. नई योजना में इस व्यवस्था को बदलकर मासिक मानदेय लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है. इसके तहत शिक्षकों को हर महीने तय वेतन मिलेगा, जो मूल वेतन और महंगाई भत्ते (डीए) को जोड़कर निर्धारित किया जाएगा. प्रस्ताव में शुरुआती स्तर पर 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता जोड़ने की बात कही गई है. भविष्य में डीए की दरों में संशोधन भी संभव होगा.
किस शिक्षक को कितना मिलेगा मानदेय?
शिक्षा निदेशालय द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट में विभिन्न श्रेणियों के गेस्ट टीचर्स के लिए अलग-अलग वेतन प्रस्तावित किया गया है. अगर सरकार से मंजूरी मिलती है तो शिक्षकों को हर महीने निम्नानुसार भुगतान किया जाएगा.
- पीजीटी (PGT): 76,160 रुपये प्रति माह
- टीजीटी (TGT): 71,840 रुपये प्रति माह
- पीआरटी (PRT): 56,640 रुपये प्रति माह
बताया जा रहा है कि यह राशि मौजूदा आय की तुलना में काफी अधिक होगी, जिससे हजारों शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलेगी.
नौकरी संविदा पर ही रहेगी
हालांकि वेतन बढ़ाने की तैयारी के बीच एक बात साफ कर दी गई है कि गेस्ट टीचर्स को इस प्रस्ताव के जरिए नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलेगा. उनकी नियुक्ति पहले की तरह संविदा व्यवस्था के तहत ही जारी रहेगी. प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि शिक्षकों को एक वर्ष में आठ दिन की आकस्मिक छुट्टी दी जाएगी. यदि कोई शिक्षक निर्धारित सीमा से अधिक अवकाश लेता है तो उसकी सैलरी से अनुपस्थित दिनों के हिसाब से कटौती की जाएगी.
गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में भी मिलेगा पैसा
गेस्ट टीचर्स की लंबे समय से यह शिकायत रही है कि स्कूलों की लंबी छुट्टियों के दौरान उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. नए प्रस्ताव में इस समस्या को भी ध्यान में रखा गया है. ड्राफ्ट के अनुसार, गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के दौरान भी शिक्षकों को पूरा मासिक मानदेय दिया जाएगा. इतना ही नहीं, यदि किसी शिक्षक को एडमिशन प्रक्रिया, विशेष कक्षाओं या अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए अवकाश के दौरान बुलाया जाता है तो उसे अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा.
गेस्ट टीचर्स ने जताई खुशी
गेस्ट टीचर्स संगठनों ने शिक्षा निदेशालय की इस पहल का स्वागत किया है. गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वेतन वृद्धि और निश्चित मासिक वेतन की मांग उठाई जा रही थी. उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वर्षों से मानदेय में कोई खास बदलाव नहीं हुआ था, जिससे शिक्षकों के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा था. ऐसे में सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किया गया यह प्रस्ताव राहत देने वाला कदम साबित हो सकता है.
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जल्द मंजूरी की उम्मीद
गेस्ट टीचर्स का मानना है कि सरकार को इस प्रस्ताव पर जल्द फैसला करना चाहिए ताकि वर्षों से लंबित मांग पूरी हो सके. शिक्षकों का कहना है कि बेहतर वेतन मिलने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे सम्मानजनक ढंग से अपना जीवनयापन कर सकेंगे. अब सभी की नजर सरकार की मंजूरी पर टिकी हुई है, क्योंकि उसके बाद हजारों गेस्ट टीचर्स की आय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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