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दिल्ली हाई कोर्ट: पीएम की विदेश यात्राओं के उड़ान रिकॉर्ड आरटीआई में देने का CIC आदेश रद्द

दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की वायुसेना विमान यात्राओं के रिकॉर्ड आरटीआई में देने के CIC के आदेश को रद्द कर दिया है. राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया गया.

Delhi High Court News

दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भारतीय वायुसेना के विमानों से की गई विदेश यात्राओं के उड़ान रिकॉर्ड (स्पेशल फ्लाइट रिटर्न – SFR) सार्वजनिक करने के केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के आदेश को रद्द कर दिया है. न्यायमूर्ति अमित महाजन ने एयर हेडक्वार्टर्स के पर्सनल सर्विसेज निदेशालय के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (CPIO) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया.

फैसले के मुख्य बिंदु और अदालत की टिप्पणियां

राष्ट्रीय और वीवीआईपी सुरक्षा का हवाला दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इस तरह की संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक करने से राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता हो सकता है. इसलिए, प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं से जुड़े विशेष उड़ान रिकॉर्ड आरटीआई (RTI) अधिनियम के तहत नहीं दिए जा सकते.

क्या था पूरा मामला?

रिटायर्ड कमोडोर लोकेश के. बत्रा ने आरटीआई आवेदन दायर कर 1 अप्रैल 2013 से 5 जून 2018 के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वायुसेना के विमानों से की गई विदेश यात्राओं की जानकारी मांगी थी.

वायु सेना मुख्यालय के CPIO ने 10 जुलाई 2018 को जवाब दिया था कि मनमोहन सिंह ने 1 अप्रैल 2013 से 25 मई 2014 के बीच वायुसेना के विमानों से कोई विदेश यात्रा नहीं की थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जून 2016 से 9 जुलाई 2018 के बीच वायुसेना के विमानों से तीन विदेश यात्राएं की थीं.

CIC का आदेश और हाईकोर्ट का हस्तक्षेप

भारतीय वायु सेना ने सूचना का अधिकार कानून की धारा 8(1)(ए) (देश की संप्रभुता, सुरक्षा और रणनीतिक हितों से जुड़ी जानकारी) और धारा 8(1)(ई) (विश्वास या भरोसे के रिश्ते से जुड़ी जानकारी) के तहत छूट का हवाला देते हुए इन रिकॉर्ड्स को देने से इनकार कर दिया था.

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केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने जुलाई 2020 में प्रासंगिक रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां देने का निर्देश दिया था, जिसे वायु सेना ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. अब हाईकोर्ट ने वायु सेना की दलीलों को सही मानते हुए CIC के आदेश को खारिज कर दिया है.



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