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पोलैंड-भारत ने डिफेंस, स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी संबंध प्रगाढ़ करने पर सहमति जताई- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी और पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए अहम बैठक की. इसके बाद पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों ने डिफेंस, स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी संबंधों को प्रगाढ़ करने पर सहमति जताई.

Modi

भारत और पोलैंड के बीच रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक अहम पहल हुई है. गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति जताई. बैठक के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बातचीत के प्रमुख मुद्दों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड के संबंध बीते कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं. अब दोनों देश इस साझेदारी को और आगे ले जाने के लिए नए अवसर तलाश रहे हैं. खास बात यह है कि दोनों देशों के बीच सहयोग केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार, निवेश, तकनीक और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी इसे विस्तार देने की कोशिश होगी.

2024 की यात्रा के बाद रिश्तों में आई नई तेजी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क का भारत में स्वागत करते हुए अपनी 2024 की पोलैंड यात्रा को भी याद किया. उन्होंने कहा कि उस दौरान टस्क और उनकी टीम ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया था. इसी यात्रा के दौरान भारत और पोलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था.

पीएम मोदी के मुताबिक, इस फैसले के बाद दोनों देशों के रिश्तों को नई गति मिली है. अब ताजा बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है, जिससे आने वाले समय में सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं.

रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने का फैसला इस बैठक के प्रमुख नतीजों में शामिल रहा. भारत ने इन क्षेत्रों में पोलैंड की कंपनियों को साथ मिलकर काम करने, नई तकनीक विकसित करने और उत्पादन से जुड़ी परियोजनाओं में भागीदारी करने का भी न्योता दिया है.

सिर्फ कूटनीति नहीं, इतिहास से भी जुड़ी है दोस्ती

भारत और पोलैंड के संबंधों की खासियत यह है कि इनकी जड़ें केवल राजनीतिक और आर्थिक हितों तक सीमित नहीं हैं. दोनों देशों के बीच एक पुराना मानवीय रिश्ता भी रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने इसका जिक्र करते हुए द्वितीय विश्वयुद्ध के समय की घटनाओं को याद किया.

उन्होंने बताया कि उस कठिन दौर में जामनगर और कोल्हापुर के राजपरिवारों ने पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को भारत में शरण दी थी. उस समय भारत ने मुश्किल हालात से गुजर रहे लोगों को सुरक्षित जगह और सहारा दिया था. पोलैंड में आज भी जाम साहब को सम्मान के साथ याद किया जाता है और वहां के लोग उन्हें ‘डोबरी महाराजा’ यानी अच्छे महाराजा के नाम से जानते हैं.

पीएम मोदी ने 2022 में यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी में पोलैंड के सहयोग का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उस समय पोलैंड ने मानवीय भावना दिखाते हुए भारतीय विद्यार्थियों की मदद की थी.

भारत और पोलैंड के बीच इस ऐतिहासिक जुड़ाव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने बताया कि जाम साहब यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पोलैंड के युवा भारत आ रहे हैं. इससे दोनों देशों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, इतिहास और समाज को करीब से समझने का मौका मिल रहा है.

व्यापार और निवेश में भी बढ़ेंगे मौके

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत और पोलैंड दोनों आर्थिक विकास, तकनीक और नवाचार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं. उन्होंने पोलैंड की अर्थव्यवस्था की प्रगति और भारत की आर्थिक विकास दर का भी जिक्र किया.

पीएम मोदी के अनुसार, भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और पोलैंड की औद्योगिक क्षमताएं दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं. भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते से भी कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इसके लागू होने से भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि मशीनरी, रसायन और प्लास्टिक जैसे क्षेत्रों में भारत से पोलैंड को निर्यात बढ़ाने की संभावनाएं बन सकती हैं. वहीं, रेलवे, परिवहन व्यवस्था और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में पोलैंड से भारत में निवेश आकर्षित करने पर भी जोर दिया जाएगा. डोनाल्ड टस्क अपने साथ एक बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडल को लेकर भारत आए हैं.

इससे दोनों देशों की कंपनियों के बीच बातचीत और साझेदारी के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है. भारत चाहता है कि दोनों देशों के उद्योग मिलकर भरोसेमंद सप्लाई चेन विकसित करें और तय आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने में एक-दूसरे की मदद करें.

रक्षा और अंतरिक्ष में संयुक्त परियोजनाओं पर जोर

बैठक का एक अहम पहलू रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति रही. प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत और पोलैंड रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं.

भारत की ओर से पोलैंड की कंपनियों को इन क्षेत्रों में संयुक्त विकास और संयुक्त उत्पादन से जुड़ी परियोजनाओं में भाग लेने का आमंत्रण दिया गया है. इससे दोनों देशों की कंपनियों को अपनी तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल करने और नए कारोबारी अवसर तलाशने का मौका मिल सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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