भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ के नाम से मशहूर सौरभ गांगुली से जुड़े कानूनी पेंच में नया मोड़ आ गया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म ‘दूसरा’ के निर्माता, निर्देशक और वितरकों को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब तलब किया है. जस्टिस विनोद कुमार की अवकाशकालीन बेंच ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने का फैसला प्रतिवादियों का पक्ष और उनका जवाब सामने आने के बाद ही लिया जाएगा. हालांकि, कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की गांगुली की मांग को पहले ही खारिज कर दिया था, जिसके चलते यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है.
क्या है पूरा विवाद?
सौरभ गांगुली ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया है कि इस फिल्म में उनकी अनुमति के बिना उनके क्रिकेट करियर के खास पलों का इस्तेमाल किया गया है. फिल्म में साल 2002 की ऐतिहासिक नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल मैच, लॉर्ड्स के मैदान पर उनकी कप्तानी में शर्ट उतारकर जश्न मनाने जैसी यादगार घटनाओं और उनके नेतृत्व क्षमता का जिक्र किया गया है. गांगुली और उनके सहयोगियों का कहना है कि उनकी बिना सहमति के उनके नाम, फोटो और क्रिकेट करियर के बड़े लम्हों को कमर्शियल फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो उनके पर्सनालिटी राइट्स (व्यक्तिगत अधिकारों) का खुला उल्लंघन है.
लव फिल्म्स का दावा
इस कानूनी विवाद में एक और दिलचस्प एंगल सामने आया है. ‘लव फिल्म्स’ नाम के प्रोडक्शन हाउस ने दावा किया है कि उनके पास साल 2021 के एक समझौते के तहत सौरभ गांगुली पर आधिकारिक बायोपिक बनाने के एक्सक्लूसिव अधिकार हैं. उनका कहना है कि वे इस अधिकृत प्रोजेक्ट पर काफी निवेश कर चुके हैं और इसकी शूटिंग भी पूरी हो चुकी है. इसके कमर्शियल अधिकारों की लाइसेंसिंग से कई तीसरे पक्षों के हित भी जुड़ गए हैं.
फिलहाल, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फिल्म की एक विशेष स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है, ताकि यह जांचा जा सके कि वाकई फिल्म में गांगुली के अधिकारों का हनन हुआ है या नहीं. इस मामले की अगली सुनवाई अब 29 अक्टूबर को तय की गई है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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